भोपाल, स्टेट ब्यूरो। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई तीसरी वर्चुअल कैबिनेट में सहकारी अधिनियम में संशोधन के अध्यादेश के मसौदे को मंजूरी मिल गई। इसके माध्यम से सरकार शीर्ष सहकारी संस्थाओं में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद पर सांसद और विधायकों की ताजपोशी कर सकेगी। अभी तक सांसदों व विधायकों के संस्थाओं में पद धारण करने पर प्रतिबंध था।

दो सरकारी और तीन अशासकीय सदस्यों की प्रशासकीय समिति बनेगी

 इसके साथ ही जब तक चुनाव नहीं हो जाते हैं तब तक प्रशासकों को कामकाज में सहयोग के लिए प्रशासकीय समिति भी बनाई जाएगी। इसमें दो सरकारी और तीन अशासकीय सदस्य होंगे।

विधायक और सांसदों को सहकारी संस्था के चुनाव लड़ने की पात्रता होगी

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए गृह, जेल, संसदीय कार्य, विधि एवं विधायी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि विधायक और सांसदों को अब सहकारी संस्था के चुनाव लड़ने की पात्रता होगी। प्रशासकीय समिति में तीन अशासकीय सदस्य रहेंगे।

अध्यादेश को अनुमति के लिए राज्यपाल को भेजा जाएगा

इसके लिए पहले विधानसभा के मानसून सत्र में संशोधन विधेयक लाया जा रहा था, लेकिन कोरोना के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए सर्वसम्मति से सत्र को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। अब अध्यादेश को अनुमति के लिए राज्यपाल को भेजा जाएगा और उनकी मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।

Posted By: Bhupendra Singh

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