मुंबई, एएनआइ। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना (Saamana) के जरिए राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के प्रमुख शरद पवार के उस बयान पर निशाना साधा है, जिसमें उन्‍होंने कहा था कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र में चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। सरकार इन एजेंसियों के जरिए विपक्षी दलों के नेताओं पर भाजपा में शामिल होने को लेकर दबाव बना रही है।

अखबार ने अपने संपादकीय में कहा है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस और राकांपा की भारी दल-बदली के कारण हालत खराब है। कांग्रेस और राकांपा के कई विधायक भाजपा में शामिल होने के लिए कतारबद्ध हैं। शरद पवार इसे लेकर चिंता व्यक्‍त कर रहे हैं। शरद पवार ने आरोप लगाया है कि विधायकों को तोड़ने के लिए केंद्र सरकार आयकर विभाग और ईडी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। यदि यह दबाव सच होता तो अजीत पवार पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके होते।

सामना ने लिखा है कि लोगों का झुकाव भाजपा की ओर है। वे कांग्रेस की परिपाटी से तुलना कर रहे हैं और भाजपा में शामिल हो रहे हैं। यह ट्रेंड केवल विचारधारा या नीतियों से नहीं आया है बल्कि सत्‍ता एवं राजनीतिक निहितार्थों को लेकर भी आया है। एक वक्‍त हुआ करता था जब लोग कांग्रेस में जाया करते थे अब ऐसा ही भाजपा के साथ भी हो रहा है। लोग भाजपा के साथ जाना चाहते हैं।

गौरतलब है कि पवार के बयान पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि कई कांग्रेस और एनसीपी नेता भाजपा में आने को तैयार हैं, लेकिन कुछ को ही पार्टी में शामिल किया जाएगा। ईडी या किसी दूसरी एजेंसियों की जांच में जिनका नाम शामिल है उन्‍हें शामिल नहीं किया जाएगा। भाजपा ने कभी भी दूसरों पर दबाव बनाने की राजनीति नहीं की है।  

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