नई दिल्ली, जेएनएन। शिवसेना सदस्य संजय राउत ने शून्यकाल में वंदे भारत ट्रेन का उत्पादन बंद होने के मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत, जिसे ट्रेन-18 नाम से भी जाना जाता है, को भारत रेल के लिए गेम चेंजर माना गया है और ये मेक इंडिया का सबसे सफल प्रयोग रहा है।

ट्रेन-18 की पहली रेक का उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-वाराणसी के बीच किया था। परंतु अब इस बात की खबरें आ रही हैं कि इस ट्रेन का आगे का उत्पादन बंद कर दिया गया है। चेन्नई कोच फैक्ट्री में नई वंदे भारत ट्रेन नहीं बन रही है।

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उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि आखिर सच्चाई क्या है। क्या इस ट्रेन का उत्पादन बंद कराने के लिए कोई षड्यंत्र हो रहा है। क्योंकि इस बात की रिपोर्टे आ रही हैं कि कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियां लगातार ट्रेन की निविदा प्रक्रिया में बाधा खड़ी करने का प्रयास कर रही हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली-वाराणसी के बीच पहली वंदे भारत का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है। जबकि दूसरी वंदे भारत का दिल्ली-कटरा रूट पर ट्रायल भी पूरा हो गया है और जम्मू-कटरा के बीच रूट में कुछ सुधारों के बाद इसे इसी वर्ष चलाए जाने की चर्चा है।

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मालूम हो कि रेलमंत्री पीयूष गोयल ने पहली वंदे भारत की यात्रा के दौरान कहा था कि इस तरह की 136 ट्रेने चलाने का प्रस्ताव है। रेलवे बोर्ड के सूत्रों के अनुसार अगले तीन वर्ष में 40 ट्रेनों का उत्पादन करने की योजना है, जिसमें दस ट्रेने अगले एक वर्ष के दौरान बनाई जानी हैं। परंतु कलपुर्जे सप्लाई करने वाली विदेशी कंपनियों की आपत्तियों के बाद टेंडर प्रक्रिया में संशोधन किए जाने के कारण ट्रेन के उत्पादन में कुछ विलंब हुआ है। परंतु ये ट्रेने स्वदेश में ही बनेंगी और उत्पादन का शिड्यूल भी पूर्ववत रहेगा।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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