मुंबई, एजेंसियां। Maharashtra Government Formation महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर नतीजे आने के 12 दिन बाद भी गतिरोध बरकरार है। अपनी अपनी शर्तों पर अड़ी शिवसेना और भाजपा में बयानबाजियों और दावों का दौर जारी है। शिवसेना नेता संजय राउत ने एकबार फि‍र दावा किया है कि राज्‍य में मुख्‍यमंत्री शिवसेना का ही होगा। वहीं एनसीपी और कांग्रेस ने फैसला किया है कि उनके नेताओं का एक आज शाम को राज्‍यपाल से मिलेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सीएम एवं कांग्रेस नेता पृथ्‍वीराज चव्‍हाण, राकांपा के महाराष्‍ट्र प्रमुख जयंत पाटिल और कांग्रेस नेता बालासाहब थोराट शामिल हैं। 

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह प्रतिनिधिमंडल राज्‍य में भारी बारिश से बर्बाद हुई फसल और राज्‍य के सियासी हालात के बारे में बातचीत करेगा। इस बीच संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से ही होगा। महाराष्ट्र की राजनीति बदल रही है। न्याय की इस लड़ाई में शिवसेना की ही जीत होगी। राउत ने यह भी दावा किया कि शरद पवार राज्य के अगले मुख्यमंत्री नहीं होंगे। ज्ञात हो कि 288 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित हुए थे जिसमें (भाजपा-शिवसेना गठबंधन) को 161 सीटें मिली थीं। भाजपा ने 105, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की है। 

बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए संवैधानिक रूप से मंगलवार को लेकर चार दिन का समय बाकी है। भाजपा किसी कीमत पर शिवसेना के दबाव में आने के लिए तैयार नहीं है। राकांपा नेता शरद पवार बार बार कह रहे हैं कि उन्हें तो विपक्ष में बैठने का जनमत मिला है। अब नजरें अमित शाह पर जाकर टिक गई हैं। सियासत के जानकार मानते हैं कि यदि वह पहल करते हैं तो आने वाले दिनों राजग सरकार बन सकती है अन्‍यथा भाजपा राष्ट्रपति शासन के लिए भी तैयार है। महाराष्‍ट्र में भाजपा के पर्यटन मंत्री एवं धुले Dhule से भाजपा नेता जय कुमार रावल (Jay Kumar Rawal) पहले भी कह चुके हैं कि उनके कार्यकर्ता अगले चुनाव के लिए तैयार हैं।

मौजूदा वक्‍त में भाजपा सरकार बनाने की जल्‍दबाजी में नहीं दिख रही है। हालांकि, सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा के पक्ष में यह बात जरूर है कि राज्यपाल सरकार गठन के लिए पहले उसको बुलाएंगे। लेकिन वह सरकार बनाने की जल्‍दबाजी में नहीं दिख रही है। वह तभी आगे बढ़ेगी जब शिवसेना के साथ बात पक्की हो जाएगी। अन्‍यथा राष्ट्रपति शासन का खतरा बरकार है। 

इस बीच निर्दलीय विधायक रवि राणा ने यह दावा करके माहौल और गरमा दिया है कि अगली सरकार के गठन के लिए शिवसेना के 25 विधायक उनके संपर्क में हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि फड़नवीस की सरकार बनी तो करीब दो दर्जन शिवसेना विधायक टूटकर भाजपा में शामिल हो जाएंगे। मालूम हो कि रवि राणा महाराष्ट्र में भाजपा को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुके हैं। हालांकि, भाजपा किसी भी जोड़ तोड़ से बचना चाहेगी। 

वहीं महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की सत्ता की जंग के बीच राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कल सोमवार को सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सूबे के सियासी सस्पेंस का पर्दा नहीं उठाया। उन्‍होंने राकांपा-कांग्रेस को विपक्ष में बैठने का जनादेश मिलने की बात तो कही मगर शिवसेना-भाजपा के झगड़े में सरकार नहीं बनने पर भविष्य का विकल्प खुला रखने का भी संकेत दिया। इन तमाम हालातों के बीच महाराष्‍ट्र की सियासत किस करवट बैठेगी यह मुकम्‍मल तौर पर भविष्‍य के गर्त में है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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