नई दिल्ली, माला दीक्षित। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित फिल्म पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि फिल्म को फिलहाल रिलीज नहीं किया जाएगा। जब तक लोकसभा चुनाव नहीं हो जाते तब तक चुनाव आयोग द्वारा लगाई गई फिल्म की रोक पर दखल देने से साफ इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती देते हुए बायोपिक के निर्माताओं द्वारा दायर याचिका पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं है। अब इसमें क्या बचता है। निर्माताओं की ओर से पेश वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव आयोग का आदेश सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा फिल्म को दी गई मंजूरी के खिलाफ है। 

कोर्ट ने साफ कहा कि इस समय फिल्म को रिलीज किया जाना चाहिए या नहीं इसपर चुनाव आयोग फैसला ले चूका है। हम इस याचिका को स्वीकार नहीं करते। लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू हुए थे। उस वक्त ही इस बॉयोपिक को रिलीज किया जाना था। लोकसभा चुनाव के लिए सातवें और आखिरी चरण के लिए 19 मई  को मतदान किया जाएगा और मतों की गिनती 23 मई को की जाएगी। 

चुनाव आयोग से ही फिल्म को लेकर फैसला करने के लिए कहा गया था। जिसके बाद चुनाव आयोग ने फिल्म की रिलीज पर चुनाव खत्म होने तक रिलीज पर रोक लगा दी थी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले चुनाव आयोग ने सील बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव आयोग की टीम के लिए बुधवार को फिल्म की स्क्रीनिंग रखी गई थी। इस दौरान चुनाव आयोग के 7 अधिकारियों ने पीएम मोदी की बायोपिक को देखा। फिल्म देखने के बाद चुनाव आयोग ने सील बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया

बता दें कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों और राजनेताओं को चुनावी लाभ पहुंचाने वाली फिल्म को रिलीज की मंजूरी देने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद पीएम मोदी बॉयोपिक सहित दो अन्य फिल्मों की रिलीज पर रोक लगा दी गई थी। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा था कि चुनाव के वक्त ऐसी किसी फिल्म को रिलीज करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है जिससे किसी राजनीतिक दल या राजनेता को फायदा मिलने की संभावना हो।

Posted By: Ayushi Tyagi

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