गुवाहाटी, एजेंसियां। हिमंता बिस्व सरमा असम के अगले मुख्यमंत्री होंगे। रविवार शाम उन्होंने राज्यपाल जगदीश चंद्र मुखी से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। उन्हें और उनकी कैबिनेट को सोमवार दोपहर 12 बजे शपथ दिलाई जाएगी। इससे पहले उन्हें भाजपा विधायक दल और फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल का नेता चुना गया।

नेता चुने जाने के बाद सरमा ने कहा- सोनोवाल मेरे मार्गदर्शक बने रहेंगे

नेता चुने जाने के बाद सरमा ने अपने पूर्ववर्ती सर्वानंद सोनोवाल के कार्यकाल को बेदाग और भ्रष्टाचार मुक्त बताते हुए कहा कि वह उनके मार्गदर्शक बने रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

सर्बानंद सोनोवाल ने किया सरमा के नाम का प्रस्ताव

दो मई को राजग के बहुमत प्राप्त करने के बाद से ही इस बात पर सस्पेंस कायम था कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और सरमा दोनों इस पद के दावेदार थे, लेकिन रविवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में 52 वर्षीय सरमा को नेता चुन लिया गया। उनके नाम का प्रस्ताव खुद सोनोवाल ने किया और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास व नवनिर्वाचित विधायक नंदिता गर्लोसा ने उसका अनुमोदन किया। चूंकि किसी और नाम का प्रस्ताव नहीं किया था, इसलिए सरमा को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया।

बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर और अरुण सिंह मौजूद थे

कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए आयोजित हुई बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पार्टी महासचिव अरुण सिंह मौजूद थे। उनके अलावा बैठक में पार्टी महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा भी उपस्थित थे। खास बात यह रही कि सरमा और सोनोवाल एक ही वाहन में बैठकर बैठक के लिए पहुंचे थे।

सरमा होंगे असम के 15वें मुख्यमंत्री

इस बैठक के बाद राजग विधायक दल की बैठक हुई जिसमें भाजपा के साथ-साथ उसके सहयोगी दलों असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के विधायक भी शामिल हुए। इसमें भी सरमा को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। जिससे उनका राज्य का 15वां मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया। सोनोवाल ने उन्हें पारंपरिक गमोसा भेंट किया और उनकी पीठ भी थपथपाई।

सोनोवाल ने राज्यपाल मुखी को अपना इस्तीफा सौंपा

इससे पहले सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यपाल मुखी से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया और परंपरा के मुताबिक राज्यपाल ने उनसे अगली सरकार के गठन तक पद पर बने रहने को कहा। बता दें कि वर्तमान राजग सरकार राज्य में ऐसी पहली गैर-कांग्रेसी सरकार है जिसने लगातार दूसरी बार चुनाव जीता है।

विपक्षी दलों ने दीं शुभकामनाएं

असम के मुख्यमंत्री बनने जा रहे सरमा को विपक्षी दलों ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआइयूडीएफ) और कांग्रेस ने भी शुभकामनाएं दीं हैं। दोनों पार्टियों ने उम्मीद जताई कि उनके कार्यकाल में असम देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों में से एक बनेगा।

- विस में दलीय स्थिति -

कुल सीटें  126

भाजपा 60

एजीपी 09

यूपीपीएल 06

कांग्रेस 29

एआइयूडीएफ 16

बीपीएफ 04

सीपीआइएम 01

निर्दलीय 01

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