मुंबई, पीटीआई। शिवसेना नेता संजय राउत ने स्पष्ट किया है कि पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में बुर्का पर प्रतिबंध की मांग पार्टी या उसके प्रमुख उद्धव ठाकरे की नहीं है। 'सामना' के रविवार के संस्करण में राउत ने लिखा है, 'बुर्का पर प्रतिबंध की मांग शिवसेना या उद्धव ठाकरे की नहीं थी। 'सामना' ने सिर्फ श्रीलंका के घटनाक्रम पर एक विश्लेषण प्रकाशित किया है।' 

बता दें कि 'सामना' ने बुधवार को अपने संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के कदम को अपनाने का सुझाव दिया था। अखबार ने भारत में बुर्का और चेहरा छिपाने वाले अन्य नकाब पर प्रतिबंध लगाने की कथित तौर पर मांग की थी। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे को ध्यान में रखते हुए उठाने का सुझाव दिया था। राउत मराठी दैनिक 'सामना' के कार्यकारी संपादक हैं।

बता दें कि श्रीलंका ने ईस्टर के मौके पर हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद बुर्के या नकाब पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया जिसके बाद सामना का संपादकीय सामने आया था। इस संपादकीय ने सियासी हल्के में विवाद पैदा कर दिया था। विभिन्न हिस्सों में इसकी तीखी आलोचना हुई। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद नीलम गोरहे ने बुधवार को कहा था कि यह पार्टी का अधिकृत बयान नहीं है। 

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Posted By: Krishna Bihari Singh

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