नई दिल्‍ली, [जेएनएन]। पाकिस्‍तान मसले पर पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्‍होंने एक इंटरव्‍यू के दौरान मोदी सरकार की विदेश नीति की जमकर हमला बोला और कहा कि हमारे पीएम पाक में नेताओं से क्‍या बातचीत कर यहां आए, उस बारे में विपक्ष को जानकारी नहीं दी। उन्‍होंने कहा कि सरकार की यह ड्यूटी बनती है कि वह विपक्ष को इससे अवगत कराए।

एक इंटरव्‍यू में उन्‍होंने कहा सीमा पर रोज हमारे जवान और नागरिक मारे जा रहे हैं। इस पर सरकार की ओर से यह कहना कि हम उसका जवाब दे रहे हैं, मेरे समझ में यह विदेश नीति सही नहीं है। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे पीएम ने पाक नेताओं और वहां की सरकार के साथ इस मुद्दे पर क्‍या बात की, इस बात की पूरी जानकारी विपक्ष को तथ्‍यपरक नहीं दी गई, इससे लगता है कि पड़ोसी मुल्‍क को लेकर बनाई गई हमारी विदेश नीति अब खत्‍म हो गई है।

पाकिस्तान के साथ युद्ध अंतिम विकल्प नहीं...

पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि पाक बड़ी मुश्किल से सवालों में घिरने वाला देश है, हमारी कमजोर कूटनीति के कारण ही उस पर पकड़ कमजोर होती जा रही है। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट तौर पर कहा कि पाकिस्‍तान के साथ युद्ध ही अंतिम विकल्‍प नहीं है। इस कारण हमें इसका निदान तलाशने चाहिए। खुर्शीद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना पूछे सरकार को उपाय बताने का काम नहीं है। सरकार को यह पूछना चाहिए कि अब क्‍या कदम उठाए जा सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि यह सामान्‍य घटना नहीं है, जिसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए। एक सवाल के जवाब में पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे पास कोई राय नहीं है, लेकिन इससे सरकार सच बताए। खुर्शीद का आरोप है कि सरकार की ओर से विपक्ष को कभी भी सही बात नहीं बताई गई।

कांग्रेसी नेता ने कहा कि हम अपनी विदेश नीति के एजेंडे से तुरंत अलग नहीं जा सकते। उन्‍होंने कहा कि हम इस मामले में अचानक यूएस कैंप चले गए। सोवियत संघ से हमें बेहतर परिणाम नहीं मिला। उन्‍होंने कहा कि हम जैसी अपेक्षा रखते थे, वैसा परिणाम देखने को नहीं मिला। खुर्शीद ने कहा कि जैसा वहां पर समाजवाद की बात कही जा रही है, उससे कहीं ज्‍यादा समस्‍याएं हैं। सलमान खुर्शीद ने कहा कि हम अपनी आंखें मूंदकर वहां चले गए।

सोवियत संघ ने समझी थी भारत की मजबूती

सलमान खुर्शीद की तीन तलाक पर नई किताब मार्केट में आ चुकी है। खुर्शीद ने कहा कि सरकार की विदेश नीति नहीं बल्कि आर्थिक मजबूती के कारण इन दिनों भारत विदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्‍होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू के समय में सोवियत संघ ने भी भारत की मजबूती को समझा था। खुर्शीद ने चुटकी लेते हुए कहा कि हमारे पीएम विश्‍वपटल पर एक बड़े मजबूत सेल्‍समैन की छवि पेश करते हैं। उन्‍होंने कहा कि मोदी के इस कदम से हमारी छवि धूमिल हुई है।

उन्‍होंने कहा कि यदि हम पड़ोसी देशों के रूप में पश्चिम एशिया और यूरोप को मानते हैं तो मुझे लगता है कि इन देशों के बीच हम अपनी विदेश नीति को नियमित रूप से रखें, जो पूरे विश्‍व में सराही जाएगी। भारत, जापान, इजरायल और फलस्‍तीन के रिश्‍तों पर तंज कसते हुए कहा कि हम इन देशों के साथ चलने की बात करते हैं, लेकिन ये देश चीन से कारोबार करते हैं, रूस के साथ इनका संबंध बहुत मजबूत नहीं हैं।

खुर्शीद ने कहा कि पूर्व में भारत की यूपीए सरकार ने कई बड़े अंतरराष्‍टीय मामलों को देखा। खुर्शीद ने कहा कि पूर्व में भारत के विमर्श के बिना कोई कदम नहीं उठाया जाता था। उन्‍होंने कहा कि आज सीरिया, इराक समेत अन्‍य देशों में कोई नहीं जानता की भारत क्‍या सोचता है।

Posted By: Digpal Singh

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