नई दिल्ली, प्रेट्र। द्रमुक सदस्य दयानिधि मारन की संस्कृत भाषा को लेकर एक विवादित टिप्पणी पर लोकसभा में हंगामा हो गया। वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने सदस्य से इस 'अशोभनीय टिप्पणी' के लिए माफी मांगने और इसे सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की। इस पर पीठासीन रमा देवी ने उक्त शब्द को कार्यवाही से हटा दिया। दरअसल, वर्ष 2020-2021 के केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान द्रमुक के दयानिधि मारन ने कहा, 'सरकार संस्कृत जैसी एक ... भाषा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है जबकि तमिल जैसी शास्त्रीय भाषा पर आपने क्या किया।'

संस्कृत के बारे में ऐसे शब्द ठीक नहीं: अनुराग ठाकुर

द्रमुक सदस्य की इस टिप्पणी पर आपत्ति व्यक्त करते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, 'आप बजट की आलोचना कर सकते हैं, वित्त मंत्री और सरकार की भी आलोचना कर सकते हैं, लेकिन संस्कृत के बारे में ऐसे शब्द ठीक नहीं।' उन्होंने कहा कि आप तमिल भाषा की जितनी प्रशंसा करना चाहे करें। हमारी सरकार सभी भाषाओं का सम्मान करती है। संस्कृत के बारे में सदस्य ने जो कहा, वह अशोभनीय और निंदनीय है।

अनुराग ठाकुर ने पूछा क्या कांग्रेस बयान का समर्थन करती है

ठाकुर ने कहा कि इस शब्द को कार्यवाही से हटाया जाए और सदस्य इसके लिए माफी मांगे। इस विषय पर भाजपा के कई अन्य सदस्य भी द्रमुक सांसद की टिप्पणी का अपने स्थान पर खड़े होकर विरोध करते देखे गए। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कुछ कहने का प्रयास किया। इस पर अनुराग ठाकुर ने पूछा कि उन्होंने संस्कृत भाषा के बारे में ऐसी टिप्पणी की है, क्या कांग्रेस उनके बयान का समर्थन करती है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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