नईदुनिया, इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अब जल और पर्यावरण के लिए भी काम करेगा। शुक्रवार को इंदौर में संघ की बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इस बारे में चर्चा की। हालांकि, इसकी घोषणा अगले महीने ग्वालियर में होने वाली प्रतिनिधि सभा में की जाएगी।

अभी तक संघ समरसता, ग्रामीण विकास, गोसेवा, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर समाज में गतिविधियां संचालित करता है। भागवत ने कहा कि संघ के कार्यकर्ता अब पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए भी जोर दें।

इंदौर प्रवास के चौथे दिन संघ प्रमुख ने राऊ स्थित एक स्कूल में प्रांत और क्षेत्र की कार्यकारिणी की बैठक ली। इस दौरान भागवत ने मालवा और मध्यभारत प्रांत में संघ को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि समाज को राष्ट्रवादी बनाने के लिए संघ को अपना दायरा बढ़ाना होगा। जो नगर, गांव अब तक संघ से जुड़े नहीं हैं, वहां हमें अपनी ताकत तेज गति से बढ़ाने की जरूरत है। पुराने और वरिष्ठ स्वयंसेवकों को भी इन कामों के दायित्व दिए जाएं।

बैठक में पदाधिकारियों ने ग्राम और नगरों में बढ़ी शाखाओं की जानकारी दी और संघ के सेवा कार्यों के बारे में बताया। बैठक में कहा गया कि शाखाएं नियमित लगाई जाना चाहिए और विस्तार के साथ गुणवत्ता पर भी जोर दिया जाए। बैठक का दौर शाम तक चला। शाम को स्कूल के कर्ताधर्ता और स्टाफ से भी भागवत मिले और बातें कीं। इसके बाद वह अर्चना कार्यालय आ गए। शनिवार से वह महाकोशल और छत्तीसगढ़ प्रांत के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे।

राय के बारे में हुई घोषणा
सूत्रों के अनुसार भाजपा के प्रदेश सह संगठन मंत्री अतुल राय को संगठन से हटाकर फिर संघ में दायित्व दिए जाने की घोषणा भी बैठक में संघ प्रमुख के सामने ही हुई। राय प्रचारक हैं और पहले महाकोशल के संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। महाकोशल प्रांत की समीक्षा से पहले राय को लेकर किया गया फैसला चौंकाने वाला था। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले कुछ और भी बदलाव हो सकते हैं।

Posted By: Arun Kumar Singh

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