नई दिल्‍ली, एएनआइ। राष्‍ट्रपति रामना‍थ कोविंद के न्‍यौते पर नीदरलैंड के शाही दंपती रविवार को भारत आए। उनका यह दौरा भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए है। इस क्रम में सोमवार को उन्‍होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ हुई वार्ता में दोनों देशों के बीच रिश्‍ते बढ़ाने और इसे मजबूत बनाने पर चर्चा की गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

इससे पहले शाही दंपती राष्‍ट्रपति भवन में  राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शाही दंपती का स्‍वागत किया। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। इसके बाद वे राजघाट गए जहां राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

नीदरलैंड के शाही दंपती किंग विलेम अलेक्‍जेंडर और क्‍वीन मैक्जिमा ने पांच दिवसीय भारत दौरे पर हैं। रविवार को नई दिल्‍ली एयरपोर्ट पर तमाम अधिकारियों ने इनका स्‍वागत किया। वर्ष 2013 में शाही गद्दी संभालने के बाद किंग विलेम अलेक्‍जेंडर का यह पहला भारत दौरा है। बता दें कि शाही दंपती के भारत दौरे का लक्ष्य भारत के साथ द्विपक्षीय आर्थिक एवं राजनीतिक सहयोग को बढ़ाना है।  

दिल्‍ली में इन आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा किंग व क्‍वीन भारत की व्‍यापारिक नगरी मुंबई भी जाएंगे। साथ ही उनके प्‍लान में केरल का दौरा भी है। इसके अलावा वे नई दिल्‍ली में होने वाले 25वें टेक्‍नोलॉजी समिट  में शामिल होंगे। इस समिट के लिए साझीदार देश न्‍यूजीलैंड है। 

उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2018-2019 में भारत और नीदरलैंड का द्विपक्षीय व्‍यापार का टर्नओवर कुल 12.87 बिलियन डॉलर रहा  है। भारत में नीदरलैंड पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है।  

शाही दंपती शुक्रवार को वापस अपने देश लौट जाएंगे। नीदरलैंड में 235,000 भारतीयों का समुदाय रहता है। पूरे यूरोप में भारतीयों के लिए यह सबसे बड़ा निवास स्‍थान है।         

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Posted By: Monika Minal

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