नई दिल्ली, पीटीआइ। राज्यसभा सचिवालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और व्यंग्यात्मक टिप्पणी करने के आरोप में एक सुरक्षा अधिकारी को पदावनत कर दिया है। उन पर नियम के उल्लंघन और राजनीतिक तटस्थता बरकरार रखने में विफल रहने का आरोप है। अधिकारी ने कई पोस्ट साझा किए हैं, जिनसे उनकी राजनीतिक गतिविधियों में सक्रियता का पता चलता है।

राज्यसभा सचिवालय ने 12 फरवरी को जारी आदेश में कहा है कि सदन के सभापति वेंकैया नायडू ने नियमों के तहत सुरक्षा उपनिदेशक उरजुल हसन को पदावनत करते हुए पांच साल के लिए लोअर ग्रेड अधिकारी बनाने का आदेश दिया है। हसन पर नियमों के उल्लंघन और राजनीतिक तटस्थता को बनाए रखने में विफल रहने का आरोप है। पदावनत किए जाने के साथ ही हसन को पांच वर्षों तक वेतनवृद्धि भी नहीं मिलेगी। सजा की अवधि खत्म होने के बाद ही वह अपने पद पर लौट सकेंगे।

आदेश के अनुसार, 'प्रधानमंत्री, कुछ मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के मामले में राज्यसभा सचिवालय ने हसन के खिलाफ अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू की थी।' सचिवालय ने कहा कि हसन ने कई ऐसे पोस्ट साझा किए, जिनसे सक्रिय राजनीति में उनकी संलिप्तता जाहिर होती है। राज्यसभा सचिवालय नियम 1957 और केंद्रीय लोक सेवा (आचरण) नियम कर्मचारियों को वैसी गतिविधियों में शामिल होने से रोकता है जो किसी भी सरकारी सेवक के लिए बेवजह है और जो राजनीतिक क्रियाकलापों से जुड़ी है।  

इस बीच, फेसबुक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में 27.5 करोड़ अकाउंट फर्जी हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर 2019 तक फेसबुक के मंथली एक्टिव यूजर (एमएयू) की संख्या 2.5 अरब थी। गत वर्ष की तुलना में यह आठ फीसद अधिक है। इस बढ़ोतरी में भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस के यूजर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। फेसबुक ने कहा, 'हमारा अनुमान है कि वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में फर्जी अकाउंट का अनुपात हमारे एमएयू का करीब 11 फीसद है। अधिक विकसित बाजारों की तुलना में इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे विकासशील बाजारों में इस तरह के फर्जी अकाउंट की संख्या अधिक है।'

Posted By: Krishna Bihari Singh

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