मंगलुरु, प्रेट्र। जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और अनुच्छेद 370 समाप्त करने के फैसले का जोरदार बचाव करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अब कोई ताकत कश्मीरी पंडितों की घर वापसी नहीं रोक सकती। सोमवार को कर्नाटक के मंगलुरु में एक रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि भारत को नुकसान पहुंचाया गया, तो वह भी ऐसा करने वाले को शांति से रहने नहीं देगा। उन्होंने कहा, 'हम किसी को छुएंगे नहीं, लेकिन यदि हमें कोई परेशान करता है, तो हम उसे शांति से रहने भी नहीं देंगे।'

राजनाथ सिंह ने किया जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का बचाव

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के संबंध में उन्होंने कहा कि यह किसी भी धर्म की भावनाएं आहत करने का कानून नहीं है, बल्कि यह धार्मिक उत्पीड़न के शिकार लोगों को राहत प्रदान करने के लिए है। रक्षा मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से हिंदुओं, सिखों के भारत आने पर उन्हें नागरिकता देने को कहा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी सोच को पूरा किया। कई गैर भाजपा शासित राज्यों द्वारा सीएए को लागू करने से इन्कार करने के संबंध में राजनाथ ने कहा कि यह एक केंद्रीय कानून है और सभी को इसका पालन करना चाहिए। कांग्रेस पर इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि उसे राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य बस इसलिए नहीं भूल जाना चाहिए कि वह विपक्ष में है।

एनआरसी आ भी जाए तो क्‍या आपत्ति है? 

पिछले दिनों मेरठ की रैली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) की चर्चा करते पूछा, एनआरसी अगर आ भी जाए तो इसमें आपत्ति क्या है? जनता ने भी उसी गर्मजोशी से उनका समर्थन किया। उन्होंने अपने इस वक्तव्य के समर्थन में तर्क भी दिए। राजनाथ सिंह ने कहा कि हालांकि अभी एनआरसी की कहीं कोई चर्चा नहीं है, फिर भी विपक्ष बेवजह यह कहकर माहौल खराब कर रहा है कि एनआरसी लाकर मुसलमानों को देश से निकाला जाएगा। ऐसे लोगों को सरकार का संदेश है कि जो भी मुसलमान देश का नागरिक है, उसे कोई चिमटे से भी छू नहीं सकता। कोई आंख उठाकर उनकी ओर देख नहीं सकता।

 

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