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नई दिल्‍ली, एएनआइ। भाजपा के वरिष्‍ठ नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी द्वारा अपने पिता राजीव गांधी के हत्‍यारों को माफ किए जाने के कृत्‍य से राजनीतिक फायदे के लिए सुपारी देकर हत्‍या किए जाने या साजिश के तहत हत्‍या करने जैसे संदेह पैदा हो गए हैं। इसके साथ ही स्‍वामी ने कहा कि राजीव गांधी की हत्‍या की जांच की जानी चाहिए।

बता दें कि राहुल गांधी ने अपने सिंगापुर दौरे के दौरान आईआईएम के पूर्व छात्रों से बातचीत में कहा था कि वह और उनकी बहन प्रियंका गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी के हत्यारों को 'पूरी तरह माफ' कर दिया है। राहुल से पूछा गया था कि क्‍या उन्‍होंने और उनकी बहन ने पिता राजीव के हत्यारों को माफ कर दिया है। इस पर राहुल ने कहा, 'हम बेहद नाराज और आहत थे। कई सालों तक हम काफी गुस्‍से रहे। मगर किसी तरह हमने वास्‍तव में उन्‍हें पूरी तरह माफ कर दिया।'

इसको लेकर स्‍वामी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजीव गांधी के हत्‍यारों के प्रति दिखाई गई उदारता ने हत्‍या को लेकर संदेह खडे किए हैं और साथ ही यह भी कहा कि आरोपियों को माफ करने के कांग्रेस अध्‍यक्ष के बयान में देशभक्ति का एहसास नहीं था।

स्‍वामी ने कहा कि राजीव गांधी ने एक सच्‍चे देशभक्‍त थे और उनकी हत्‍या के लिए जिम्‍मेदार लोगों के लिए बिल्‍कुल भी उदारता नहीं दिखाई जानी चाहिए। हत्‍यारों में एक नलिनी को मौत की सजा सुनाई गई थी, मगर बाद में इसे उम्र कैद में तब्‍दील कर दिया गया। मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि क्‍यों हमें ऐसे शख्‍स के प्रति उदारवाद होना चाहिए, जिसने हमारे प्रधानमंत्री को मारने के लिए विदेशियों का साथ दिया। राहुल के बयान में देशभक्ति की कमी थी। उन्‍हें समझना चाहिए कि पूर्व प्रधानमंत्री के हत्‍यारों को सजा सुनाई गई थी, ना कि उनके पिता को।

गौरतलब है कि राहुल ने पिता के हत्‍यारों के माफ करने की बात कहते हुए कहा था कि जब आपको ये एहसास होता है कि इस तरह की घटनाएं होती हैं तो इसके पीछे विचारों, शक्तियों, भ्रांतियों का टकराव होता है, तब आप पकड़े जाते हो।

उन्होंने कहा, 'मुझे याद है कि जब मैंने प्रभाकरण को टीवी पर मुर्दा देखा तो मुझे दो चीजों का अहसास हुआ। पहला यह कि वे इस शख्स को इस तरह क्यों अपमानित कर रहे हैं और दूसरा ये कि मुझे उसके और उसके बच्चों के लिए वाकई बुरा महसूस हो रहा था। मेरे साथ ऐसा इसलिए हुआ क्‍योंकि मैं उस चीज के दूसरे पहलू को गहराई से समझता था।'

गौरतलब है कि 21 मई 1991 को तमिलनाडु में एक चुनावी रैली के दौरान प्रभाकरण के नेतृत्‍व में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) की एक महिला आत्मघाती हमलावर ने राजीव गांधी की हत्या कर दी थी।

Posted By: Pratibha Kumari

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