राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे 22 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश होंगे। ईडी द्वारा भेजे गए समन के विरोध में मनसे द्वारा आहूत ठाणे बंद भी वापस ले लिया गया है। राज ने पार्टी कार्यकर्ताओं को शांत रहने का निर्देश दिया है। उन्हें कोहिनूर स्क्वायर अनियमितता मामले में ईडी के समक्ष पेश होना है।

न्यायालय के समन का सम्मान

राज ठाकरे ने एक ट्वीट करके अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की स्थापना से आज तक हम पर अनेक प्रकार के मामले दर्ज हुए और हमने सदैव न्यायालय के समन का सम्मान किया है। इसी प्रकार आप इस बार भी ईडी के इस समन का आदर कीजिए। बता दें कि सोमवार को राज ठाकरे को ईडी का समन मिलने के बाद मनसे कार्यकर्ता आंदोलित हो उठे थे। उनकी ओर से 22 अगस्त को ठाणे बंद का आह्वान किया गया था। ईडी कार्यालय पर भी मनसे कार्यकर्ताओं के बड़े जमावड़े की संभावना व्यक्त की जा रही थी।

राज ठाकरे की कंपनी कोहिनूर सीटीएनएल

बता दें कि इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लीजिंग फाइनेंशियल सर्विसेज (आइएलएंडएफएस) द्वारा दिए गए कर्जो एवं उसके द्वारा किए गए निवेशों में राज ठाकरे की कंपनी कोहिनूर सीटीएनएल भी शामिल रही है। इस कंपनी में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी के पुत्र उन्मेष जोशी एवं राजन शिरोडकर उनके भागीदार रहे हैं।

लेन-देन में हुई अनियमितता

भवन निर्माण के लिए बनाई गई इस कंपनी को आइएलएंडएफएस ने 860 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। पिछले वर्ष आइएलएंडएफएस का नियंत्रण सरकार के हाथ में आने के बाद उसके लेन-देन में हुई अनियमितताओं की जांच ईडी कर रहा है। उसी कड़ी में ईडी कोहिनूर सीटीएनएल की भी जांच कर रही है। हालांकि राज ठाकरे 2008 में ही इस कंपनी के अपने शेयर बेच चुके हैं।

Posted By: Bhupendra Singh

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