जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में राफेल पर हाई वोल्टेज हंगामेदार चर्चा की शुरूआत करते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।

पीएम पर डील बदलने, कीमतें बढ़ाने का आरोप दोहराया, जेपीसी की मांग उठाई

वायुसेना की आपत्ति के बाद भी राफेल सौदे को मनमाने तरीके से बदलने का दावा करते हुए राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी इस सौदे पर उठाए जा रहे सवालों का सामना नहीं कर सकते इसलिए सदन में आने की बजाय अपने कक्ष में छिप गए हैं।

गोवा के मंत्री के ऑडियो टेप को सदन में रखने पर हुए हंगामे के बीच कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने किसी जांच से मनाही नहीं की है और जेपीसी जांच से ही राफेल सौदे का सच सामने आएगा। राहुल गांधी ने देर शाम प्रेस कांफ्रेंस कर पीएम मोदी को राफेल पर आमने-सामने 20 मिनट की बहस की चुनौती यह कहते हुए दे डाली कि पीएम इस मसले पर बहस में उनके सामने टिक नहीं पाएंगे।

लोकसभा में अन्नाद्रमुक के हंगामे के बीच राफेल पर चर्चा की शुरूआत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा अन्नाद्रमुक के हंगामे की आड़ में अपना बचाव कर रहे। मगर इसे सच छुप नहीं जाएगा क्योंकि पूरा देश राफेल को लेकर सवाल पूछ रहा है।

आश्चर्य की बात है कि पीएम इंटरव्यू में यह दावा कर रहे कि राफेल पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा। जबकि सच्चाई है कि पूरा देश पीएम पर उंगली उठा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि 126 की जगह 36 राफेल खरीदने का फैसला किसका था क्या राष्ट्रीय सुरक्षा की परिस्थितियां बदल गई थीं और वायुसेना ने क्या ऐसा कहा था? उनका कहना था कि सरकार ने आपात खरीद की दलील देकर 36 विमान खरीदे तो अभी तक एक भी विमान क्यों नहीं आए।

राहुल ने कहा कि सौदे में गड़बड़ी है इसका संकेत तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी दे दिया था जब उन्होंने नई डील के बारे में कुछ मालूम नहीं होने की बात कही थी।

हंगामे के बीच हमलावर राहुल गांधी ने सदन में अपनी मोबाइल निकालते हुए गोवा के एक मंत्री के ऑडियो टेप को सदन में रखने की स्पीकर सुमित्रा महाजन से इजाजत मांगी। इसको लेकर कांग्रेस और भाजपा सदस्यों के बीच नोंक-झोंक हुई और स्पीकर भी सहमत नहीं हुई। तब राहुल ने कहा कि चूंकि स्पीकर इजाजत नहीं दे रहीं इसलिए वह टेप सदन में नहीं चला रहे।

हालांकि राहुल ने टेप का हवाला देते हुए कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में सबके सामने कहा कि उनके पास राफेल की फाइलें हैं जो उनके बेडरूम में है और राफेल का पूरा सच उनके पास है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूर्व रक्षामंत्री के पास राफेल की फाइलें है?

राहुल ने कहा कि जब राफेल का मुद्दा दो साल पहले उठाया था तो लगा था कि दाल में कुछ काला है मगर अब साफ हो गया है कि पूरी दाल ही काली है। राहुल ने कहा कि भाजपा नेताओं को डरने की जरूरत नहीं यदि जेपीसी जांच होगी तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। पीएम पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सोमवार को अपने इंटरव्यू में थे और घबराए हुए लग रहे थे।

लोकसभा स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने जेटली के तीखे हमलों का जवाब देने के लिए कांफ्रेंस कर कहा कि टेप को झूठ बताने का अरुण जेटली का दावा झूठा है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी इस तरह के कुछ और टेप भी होंगे जो सामने आ सकते हैं।

राहुल ने कहा कि टेप से साफ है कि पर्रिकर पीएम को ब्लैकमेल कर रहे हैं क्योंकि उनके पास राफेल सौदे से जुड़े तथ्यों की फाइलें हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पर्रिकर के बेडरूम में राफेल की कौन सी सूचनाएं और फाइलें हैं और इसका मोदी पर क्या असर होगा?

राफेल की कीमत को लेकर राहुल के सवाल को बचकाना बताने के जेटली के दावों को खारिज करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष ने आज ही लोकसभा में उनके भाषण के दो क्लिप प्रेस कांफ्रेंस में जारी किए। इसमें जेटली राफेल सौदे को 58000 करोड़ की डील बता रहे हैं। राहुल ने कहा कि 1600 करोड के हिसाब से 36 विमान की कीमत इतनी ही होती है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने नहीं जेटली ने खुद आज देश को अपने भाषण में राफेल की कीमत बता दी है।

जेटली के भाषण में ही यूपीए सरकार के दौरान राफेल के एल-1 बिड में 526 करोड की न्यूनतम बोली से चुने जाने की बात का हवाला देते हुए राहुल ने कहा कि सरकार ने यह मान लिया है कि नये डील में दाम बदला गया और इसे 1600 करोड रुपये किया गया। उन्होंने सवाल किया कि बढ़े हुए दाम पर वायुसेना ने क्या आपत्ति उठाई थी? वायुसेना की आपत्ति के बाद भी पीएम ने खुद इस डील को बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि पीएम खुद सवालों का सामना नहीं कर सकते इसलिए जेटली बचाव में आ रहे मगर वे लगातार झूठ बोल रहे हैं। यूपीए के मुकाबले खाली विमान 9 फीसद और पूरी तरह लोडेड विमान 20 फीसद खरीदने के जेटली के दावे को ध्वस्त करते हुए राहुल ने कहा कि जब इतना ही सस्ता था तो 126 की जगह 36 ही क्यों खरीदे? विमानों में फर्क नहीं समझने के जेटली के वार पर प्रहार करते हुए राहुल ने उस समय सौदे के आरएफपी की शर्तो का हवाला देते हुए कहा कि यूपीए की खरीद में भी अस्त्र-शस्त्रों की कीमत शामिल थी। राहुल ने कहा कि इससे साफ है कि चौकीदार ही चोर है। साथ ही दावा किया जेपीसी जांच होगी तो सौदे में केवल दो लोगों के नाम ही आएंगे मोदी और अंबानी।

Posted By: Bhupendra Singh

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