नई दिल्ली, जेएनएन। प्रति व्यक्ति आय के मामले में बांग्लादेश से पिछड़ने के बाद अब वैश्विक भूख सूचकांक (जीएचआइ) में भारत की रैंकिंग को लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला किया है।

राहुल ने ट्वीट कर कहा कि सरकार चंद लोगों के लिए काम कर रही है, इसलिए देश का गरीब भूखा है। सरकार सिर्फ अपने कुछ खास 'मित्रों' की जेब भरने में लगी है। राहुल लगातार सरकार पर देश के सामाजिक और आर्थिक एजेंडे को वरीयता देने की बजाय सांप्रदायिक उन्माद और घृणा की सियासत को तवज्जो देने का आरोप लगाते रहे हैं।

आर्थिक विकास की कसौटी पर बांग्लादेश की तेज हुई रफ्तार के मद्देनजर प्रति व्यक्ति आय के मामले में उसके अगले साल भारत से आगे निकल जाने की रिपोर्ट को लेकर भी राहुल ने मोदी सरकार को घेरा था। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा था कि भाजपा सरकार की छह सालों की घृणा से भरे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की यह ठोस उपलब्धि है कि बांग्लादेश भी भारत को पीछे छोड़ने को तैयार है।

94वें स्थान पर भारत

वैश्विक भूख सूचकांक (जीएचआइ) 2020 में 107 देशों की लिस्ट में भारत 94 वें स्थान पर है और भूख की 'गंभीर' श्रेणी में है। विशेषज्ञों ने खराब कार्यान्वयन प्रक्रियाओं, प्रभावी निगरानी की कमी, कुपोषण से निपटने का उदासीन दृष्टिकोण और बड़े राज्यों के खराब प्रदर्शन को इसके लिए दोषी ठहराया। जीएचआइ की वेबसाइट पर शुक्रवार इस बारे में जानकारी दी गई है।

वहीं, पिछले साल 117 देशों की सूची में भारत 102वें स्थान पर था। पड़ोसी बांग्लादेश, म्यामांर और पाकिस्तान भी 'गंभीर' श्रेणी में हैं, लेकिन सूचकांक में वो भारत से ऊपर हैं। बांग्लादेश 75 वें, म्यामांर 78 वें और पाकिस्तान 88 वें स्थान पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल 73 वें और श्रीलंका 64 वें स्थान पर हैं। दोनों देश 'मध्यम' श्रेणी में आते हैं। चीन, बेलारूस, यूक्रेन, तुर्की, क्यूबा और कुवैत सहित 17 देश शीर्ष रैंक पर हैं।

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