नई दिल्ली, पीटीआई। मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की मांग तेजी से बढ़ती जा रही। इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत उसे आपूर्ति नहीं करेगा तो अमेरिका बदले की कार्रवाई कर सकता है। अब डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर राहुल गांधी के केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि भारत को कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी लड़ाई में सभी देशों की मदद करनी चाहिए, लेकिन पहले भारतीय लोगों को जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उन्होंने ट्विटर पर कहा, 'मित्रों में प्रतिशोध की भावना? भारत को सभी देशों की सहायता के लिए तैयार रहना चाहिए, लेकिन सबसे पहले जान बचाने की सभी दवाइयां और उपकरण अपने देश के कोने-कोने तक पहुंचना अनिवार्य है।

दरअसल राहुल गांधी की प्रतिक्रिया तब आई जब विदेश मंत्रालय द्वारा कहा गया कि महामारी से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तौर पर भारत पड़ोसी देशों सहित कई देशों में मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (एचसीक्यू) का निर्यात करने जा रहा है।

बता दें कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन एक पुरानी और सस्ती दवा है जिसका उपयोग मलेरिया के इलाज के लिए किया जाता है। पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक टेलीफोन पर बातचीत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के इलाज के लिए अमेरिका में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की आपूर्ति की मांग की थी।

ट्रंप की भारत को धमकी

सोमवार को ट्रंप ने भारत को चेतावनी दी कि अगर वह अपने व्यक्तिगत अनुरोध के बावजूद हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का निर्यात नहीं करता है तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई कर सकता है। बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने एक ट्वीट में कहा कि शर्तों के साथ दोस्ती नहीं हो सकती है। पीएम मोदी को सबसे पहले हमारे नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देना चाहिए।

पीएम पर कांग्रेस का हमला

कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने ट्वीट कर कहा कि नमस्ते ट्रम्प के लिए पूरा एक महीना और 100 करोड़ रुपये बर्बाद करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने अब आत्मसमर्पण कर दिया है और दवाओं के निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिया है। यह पूरे देश के लिए शर्मनाक है कि अगर भारत सरकार द्वारा दवाओं की आपूर्ति की अनुमति नहीं देने पर डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिशोध की धमकी दी है।

भारत ने लगाया था प्रतिबंध

पिछले शनिवार को ही भारत ने कोरोना वायरस में कारगर समझी जाने वाली इस दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के निर्यात को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया था। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों का इलाज करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए दवा को संभावित एंटी-वायरल एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की आपूर्ति के लिए पड़ोसी देश श्रीलंका और नेपाल सहित कई अन्य देशों से अनुरोध प्राप्त हुए हैं।

Posted By: Manish Pandey

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