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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं', CM हिमंत सरमा ने कांग्रेस की आलोचना की

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Wed, 20 Aug 2025 02:22 AM (IST)

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ के लिए देश में अराजकता फैलाने ...और पढ़ें

'राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं', CM हिमंत सरमा
'राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं', CM हिमंत सरमा

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने कहा, असम विधानसभा चुनावों से पहले ही कांग्रेस हार स्वीकार कर ली
  2. राहुल गांधी के पास सुबूत नहीं हैं और उन्होंने झूठे आरोप लगाए हैं- सीएम सरमा

 एएनआई, गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ के लिए देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ही हार स्वीकार कर ली है।

एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम कांग्रेस ने अपनी हार पहले ही स्वीकार कर ली है। उनके अध्यक्ष खुद कह रहे हैं कि मुझे बहुत सारे कॉल आ रहे हैं कि भाजपा हारने वाले कांग्रेस नेताओं और अन्य दलों के नेताओं के संपर्क में है, लेकिन कोई भी कांग्रेस से बात नहीं कर रहा है।

उन्होंने संसद में नकारात्मक बयान देने और पाकिस्तान का समर्थन करने के लिए राहुल गांधी की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। कभी धर्म के नाम पर, कभी वोट के नाम पर। मैंने उनसे कभी कोई सकारात्मक बात नहीं सुनी। जनता राहुल गांधी को जरूर सबक सिखाएगी।

वहीं, बेंगलुरु में भाजपा नेता सीटी रवि ने राहुल गांधी पर बिहार में चल रही अपनी मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान मतदाता चोरी के झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। रवि ने कहा कि अगर उन्हें संविधान में विश्वास होता, तो वे शिकायत दर्ज करा सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

इसका मतलब है कि उनके पास सुबूत नहीं हैं और उन्होंने झूठे आरोप लगाए हैं। वे झूठ फैलाने के लिए बिहार गए हैं। जब कांग्रेस जीतती है, तो वे कहते हैं कि लोगों ने उन पर विश्वास दिखाया है, लेकिन जब वे हारते हैं, तो वे ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देते हैं।