हैदराबाद, आइएएनएस/प्रेट्र। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम. वीरप्पा मोइली ने गुरुवार एक नया विवाद पैदा कर दिया। पहले उन्होंने राफेल सौदे का बचाव करने के लिए वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ को झूठा और सच को दबाने वाला बताया। बाद में उन्होंने सफाई दी कि वायुसेना प्रमुख को उन्होंने झूठा नहीं कहा था बल्कि उनसे सवाल किया था।

पत्रकारों से बातचीत में गुरुवार को मोइली ने कहा कि राफेल सौदे पर हस्ताक्षर से पहले वायुसेना प्रमुख और दासौ एविएशन के प्रमुख एचएएल के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय गए थे और उन्होंने एचएएल को आवश्यक विशेषज्ञता के साथ सक्षम निकाय करार दिया था। उन्होंने कहा, 'आज, यह कहना कि यह ठीक है (सुप्रीम कोर्ट का फैसला).. मुझे लगता है कि वायुसेना प्रमुख ठीक नहीं हैं.. वह ठीक नहीं हैं, वह झूठ बोल रहे हैं। वह सच को दबा रहे हैं। सच को दबाने में वह भी एक पक्ष हैं।'

बाद में उन्होंने कहा, 'सवाल यह है, क्या वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर इसे सही ठहरा रहे हैं? जबकि फैसले में ही खामी है। ऐसे में क्या वायुसेना प्रमुख फिर से इसे प्रमाणित कर सकते हैं कि यह ठीक हैं। मैं उनसे यही प्रश्न पूछ रहा हूं। मैंने कभी उन्हें झूठा नहीं कहा। अगर एचएएल ठीक है.. तो दोनों ठीक नहीं हो सकते।'

मालूम हो, धनोआ ने बुधवार को कहा था कि राफेल गेम चेंजर है और यह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है जिसमें सर्वश्रेष्ठ प्रणालियां लगी हैं।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने की मोइली की आलोचना
नई दिल्ली, आइएएनएस : भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने मोइली के इस बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता की टिप्पणी से न सिर्फ वायुसेना प्रमुख का निजी तौर पर अपमान हुआ है, बल्कि देश का भी अपमान हुआ है। उन्होंने मोइली से इस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की। वहीं, कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने मोइली का समर्थन करते हुए कहा कि वायुसेना को विवादों में पड़ने से बचना चाहिए।

Posted By: Vikas Jangra

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