जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में अवैध घुसपैठियों और रोहिंग्याओं की पहचान करने के लिए सत्यापन अभियान चला रही है। हजारों लोग चिह्नित किए जा रहे हैं। सच सामने लाया जा रहा है। जो जनसांख्यिकी बदलाव देखा जा रहा है, वह चिंता का विषय है।

पुष्कर सिंह धामी चाणक्यपुरी स्थित होटल अशोक में पांचजन्य और आर्गनाइजर के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 'प्रखर पत्रकारिता के 75 वर्ष मीडिया महामंथन' विषय पर आयोजित कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। पहाड़ों पर बनती अवैध मजारों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इन पर भी कार्रवाई होगी। किसी अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता जल्द लाएंगे। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम बना रहे हैं। आग्रह है कि इसे अन्य राज्य भी अपने यहां लागू करें। चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की मौत मामले में बचाव करते हुए कहा कि कोई मौत अव्यवस्था से नहीं हुई है। स्वास्थ्य खराब होने से लोगों का निधन हुआ, जो दुखदायी है। असामान्य बात यह है कि कई गुना श्रद्धालु आ रहे हैं। लोगों से आग्रह है कि वे बिना पंजीकरण के न आएं। ठीक से स्वास्थ्य जांच कराएं और जब चिकित्सक अनुमति दे तभी आएं।

मुफ्त का आकर्षण ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाएगा: जयराम ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मुफ्त का आकर्षण ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाएगा। पंजाब जैसे राज्यों में यह कुछ माह में ही दम तोड़ देगा। हिमाचल में आम आदमी पार्टी (आप) जैसी पार्टियों का राजनीतिक सफर ज्यादा नहीं है। उनका कोई वैचारिक आधार नहीं है। हिमाचल के लोग तीसरी पार्टी को स्वीकार नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि हिमाचल शांति प्रिय राज्य है। यहां राजनीतिक लोग भी सहज व सरल होते हैं। जन कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के अलावा राज्य की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य देखभाल योजना, हर घर में गैस कनेक्शन व गंभीर बीमारियों से जूझते मरीजों के लिए आर्थिक मदद जैसी योजनाएं है। हिमाचल पहला राज्य है जिसने पंचायती राज में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है।

हेडगेवार यूनिवर्सिटी से मिले संस्कार की वजह से बदला हरियाणा की पहचान : मनोहर

कान्क्लेव में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि डा. हेडगेवार यूनिवर्सिटी से मिले संस्कार की वजह से हरियाणा की पहचान बदलने में काफी सहायता मिली है। पिछले आठ साल में हरियाणा लगातार जातिगत राजनीति और भ्रष्टाचार के प्रभाव से मुक्त हो रहा है। लोगों ने जातिगत राजनीति करने वाले दलों को पीछे कर दिया है। एक समय था जब जाति और क्षेत्र के नाम पर राजनीति होती थी। अब बड़ी आयु के लोग बेशक जातिगत बात करते हों मगर युवा वर्ग तो एक तरह से जातियों के प्रभाव से बाहर निकल गया है।

Edited By: Arun Kumar Singh