नई दिल्‍ली, एजेंसियां। पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी की सीएम पद पर ताजपोशी के साथ ही सियासी बवाल खड़ा हो गया है। दरअसल पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के लिए काफी अहम होंगे। इस बयान को लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने चन्‍नी के शपथ ग्रहण वाले दिन हरीश रावत का यह बयान कि चुनाव सिद्धू के नेतृत्‍व में लड़े जाएंगे... बेहद चौंकाने वाला है। यह सीएम पद पर उनके चयन पर सवाल उठाता है। इसके साथ ही भाजपा और बसपा ने भी चन्‍नी के चयन को वोटबैंक की कवायद बता डाली। आइए जाने किसने क्‍या कहा...

हरीश रावत के इसी बयान पर बरपा है हंगामा

दरअसल पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति पर रोशनी डालते हुए कहा कि इन चुनावों में पार्टी का चेहरा कौन होगा... यह फैसला तो कांग्रेस अध्यक्ष का ही होगा लेकिन इसमें नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के लिए काफी महत्‍वपूर्ण साबित होंगे। रावत ने आगे यह भी कहा कि मौजूदा वक्‍त में पंजाब में जो सियासी हालात हैं उसे देखते हुए नवजोत सिंह सिद्धू एक लोकप्रिय चेहरा हैं। हालांकि बाद में कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया कि रावत के बयान को गलत अर्थों में समझा गया है।

जाखड़ ने बयान पर जताई हैरानी

इस बयान के सामने आते ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई। पंजाब राज्‍य कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि हरीश रावत का यह बयान हैरान करने वाला है। ऐसे में जब चन्‍नी नए सीएम के पद की शपथ ले रहे हैं। इसी दिन ऐसा बयान सामने आना चौंकाने वाला है। मौजूदा वक्‍त में सभी को नए मुख्‍यमंत्री के साथ खड़ा होने की जरूरत है लेकिन रावत का बयान चरणजीत सिंह चन्नी के चयन पर भी सवालिया निशान है। हालांकि बाद में उन्‍होंने यह भी कहा कि हाईकमान का कहना है कि अगला चुनाव चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू दोनों के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा...

कांग्रेस को देना पड़ा दखल, कही यह बात

बयान पर बवाल बढ़ता देख कांग्रेस आलाकमान को खुद बीच में उतरना पड़ा। कांग्रेस ने पंजाब प्रभारी हरीश रावत के एक कथित बयान से खड़े विवाद की पृष्ठभूमि में कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री के तौर पर जबकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में नवजोत सिंह सिद्धू चेहरा होंगे। अमरिंदर सिंह की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं लेकिन उम्‍मीद है कि पूर्व मुख्यमंत्री का आशीर्वाद नई सरकार को मिलता रहेगा।

कैप्‍टन ने भी जाहिर कर दी अपनी मंशा

गौर करने वाली बात यह भी है कि पूर्व मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह ने चन्‍नी के शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बनाए रखी। वह इसमें शामिल नहीं हुए। यह अपने आप में संकेत है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह का आशीर्वाद नई सरकार को कितना और किस तरह मिलेगा। वैसे भी कैप्‍टन अमरिंदर पहले ही नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर सवाल उठा चुके हैं। एक दिन पहले ही अमरिंदर सिंह ने सिद्धू को राष्ट्र विरोधी, खतरनाक, अस्थिर, अक्षम करार देते हुए उनको राज्य और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बता दिया था।

कांग्रेस के इस हथकंडे से सावधान रहें दलित

बसपा ने भी चन्‍नी को सीएम बनाने पर करारा हमला बोला है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को इसे कांग्रेस का चुनावी हथकंडा करारा देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में बसपा और अकाली दल गठबंधन से कांग्रेस बहुत ज्यादा घबरायी हुई है। इसी वजह से उसने चन्‍नी को सीएम बनाया है। मायावती ने कहा कि दलित समुदाय का कांग्रेस पार्टी पर अभी तक भरोसा नहीं जमा है। पंजाब के दलित वर्ग के लोगों को कांग्रेस के इस दोहरे चाल-चरित्र और चेहरे से सावधान रहना है।

भाजपा ने बताया दोहरा चरित्र

भाजपा ने भी पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने को कांग्रेस का चुनावी हथकंडा करार दिया है। भाजपा ने सोमवार को कहा कि यदि कांग्रेस का यह दलित प्रेम झूठा नहीं है तो उसे स्पष्ट करना चाहिए कि विधानसभा का अगला चुनाव वह उन्हीं के नेतृत्व में लड़ेगी। भाजपा के पंजाब प्रभारी दुष्यंत गौतम ने बातचीत में कहा कि कांग्रेस एक तरफ दलित को मुख्यमंत्री बनाए जाने का ढिंढोरा पीट रही है तो दूसरी ओर पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कह रही है।