नई दिल्ली, जेएनएन। देश में आज से पहला विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन 'मूव' का आगाज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में इस सम्मेलन का उद्घाटन किया। 7 और 8 सितंबर को चलने वाले इस सम्मेलन का आयोजन नीति आयोग की तरफ से किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर गतिशीलता अच्छी नौकरियां, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा सकती है और जीवन की गुणवत्ता को सुधार सकती है। उन्होंने कहा कि भारत 'मूव' कर रहा है। हमारी अर्थव्यवस्था भी 'मूव' कर रही है। हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था हैं। हम 100 स्मार्ट शहरों का निर्माण कर रहे हैं। हम तेजी से सड़कों, हवाई अड्डों, रेल लाइनों और बंदरगाहों का निर्माण कर रहे हैं।

मोदी ने इस दौरान 7C का फॉर्मूला भी दिया। उन्होंने कहा 'भारत में मोबिलिटी के भविष्य के लिए मेरा विजन 7C पर आधारित है। कॉमन, कनेक्टेड, कन्वीनिएंट, कंजेशन फ्री, चार्ज्ड, क्लीन, और कटिंग एज। सुविधाजनक मोबिलिटी का मतलब समाज के सभी वर्गों के लिए सुरक्षा, किफायत और सुलभता है। इसमें बुजुर्गों, महिलाओं और विशेष रूप से दिव्यांग शामिल हैं। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि यात्रा के निजी साधनों के लिए सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी जाए।'

मोदी ने आगे कहा कि जीएसटी से हमें सप्लाइ चेन और वेयरहाउस नेटवर्क्स को तर्कसंगत बनाने में मदद मिली है। हमने बिजनेस करने के लिहाज से भारत को आरामदायक स्थान बना दिया है। परिवारों को घर, शौचालय, एलपीजी सिलेंडर, बैंक अकाउंट और लोन मिल रहे हैं। हम दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता स्टार्ट अप हब हैं।

बतादें कि इस सम्मेलन में वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल और रविशंकर प्रसाद सहित कई मंत्रियों ने हिस्सा लिया।

इससे पहले नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने इस संबंध में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत को मोबिलिटी के लिए एकीकृत सम्मिलित नीति रूपरेखा बनाने की जरूरत है। कुमार ने कहा कि मोबिलिटी क्षेत्र में आने वाले बदलावों की वजह से भारत अधिक रोजगार के अवसर पैदा कर पाएगा और देश के नागरिकों के जीवन को सुगम किया जा सकेगा।

Posted By: Manish Negi