जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। 2019 में बड़ी जीत के संकल्प के साथ भाजपा ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पारित प्रस्ताव में 'नए भारत' के निर्माण का लक्ष्य पेश करते हुए भाजपा ने कहा कि विपक्ष के पास न तो नीति है, न नेता, न ही रणनीति है। हताश विपक्ष मोदी विरोध की नकारात्मक राजनीति में लगा हुआ है।
2019 के चुनाव में यह एक बड़ा सवाल है कि मोदी के सामने विपक्ष क्या कोई चेहरा पेश करेगा। यह तय है कि कोई एक चेहरा नहीं होगा। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया, तो हमला विपक्ष पर ही था। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भाजपा के पास विकास के लिए ठोस कार्यक्रम है, नीति है, नेता है और रणनीति भी है। विपक्ष के पास इसका सर्वथा अभाव है।
2014 के बाद से भाजपा ने 15 राज्यों में चुनाव जीते हैं और कांग्रेस सिर्फ तीन राज्यों में सिमट कर रह गई है। सत्ता के लिए परेशान विपक्ष अनैतिक तरीके से महागठबंधन खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। राजनीतिक प्रस्ताव में मोदी सरकार की उपलब्धियों की जमकर प्रशंसा की गई है।
जावडे़कर ने कहा कि नया भारत जातिवाद, संप्रदायवाद, आतंकवाद और नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा। प्रस्ताव के मुताबिक सरकार के जनधन, उज्ज्वला, मुद्रा जैसी विभिन्न योजनाओं से आम लोगों का जीवन बदल रहा है। प्रस्ताव में भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी सरकार की कार्रवाई पर मुहर लगाई गई। इसके अनुसार कड़ी कार्रवाई की वजह से भ्रष्टाचारियों को देश छोड़कर भागना पड़ रहा है।
कार्यकारिणी में एनआरसी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और उसमें साफ कहा गया कि घुसपैठियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। लेकिन यह भी साफ कर दिया गया कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के सिख, बौद्ध और हिंदू शरणार्थी अगर देश में आते हैं तो उनकी मदद की जाएगी।


राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा हुई। कहा गया कि संप्रग सरकार से एक कमजोर और जर्जर अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी। पिछले चार वर्षो में मोदी सरकार ने इसे रास्ते पर लाने के लिए कई कड़े कदम उठाए। इनमें नोटबंदी तथा जीएसटी शामिल हैं।
भाजपा के अनुसार बड़े सुधारों के कारण शुरुआती परेशानियों के बाद अर्थव्यवस्था अब तेजी से बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बारे में पूछे जाने पर जावड़ेकर ने कहा कि पिछले चार वर्षो में मोदी सरकार मंहगाई को पांच फीसद से कम रखने में सफल रही है। संप्रग सरकार के दौरान यह 10 फीसद से अधिक रही थी।

राजनीतिक प्रस्ताव में देश की आर्थिक उन्नति में आंतरिक सुरक्षा की बेहतर स्थिति का हवाला दिया गया है। बताया गया कि पिछले चार वर्षो में देश में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है। पूर्वोत्तर के कई राज्यों से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) को हटाया गया है।
नक्सली पहले की तुलना में एक तिहाई क्षेत्र में सिमट गए हैं। कश्मीर में भी स्थिति बेहतर हुई है। जो लोग हिंसा में लगे हैं, उनसे कड़ाई से निपटा जा रहा है। देश में आतंकी हमले रोकने में सफलता मिली है।

Posted By: Manish Negi