रंजन दवे, जोधपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि डॉक्टर्स को किसी जाति-धर्म नहीं देखना है, हर मरीज को साथी समझ कर इलाज करना चाहिए। एम्स में मिल रही तकनीकि को अपनाना है। वे शनिवार को जोधपुर एम्स चिकित्सालय में आयोजित दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

दिल्ली के बाद जोधपुर एम्स का नाम आता है- राष्ट्रपति

उन्होंने ने कहा कि दिल्ली के बाद जोधपुर एम्स का नाम आता है। जहां पर संपूर्ण तकनीकिों के साथ सुविधाएं मौजूद है। पहले लोग इलाज के लिए मुंबई और अहदाबाद जाते थे मगर जोधपुर एम्स में ही सारी सुविधाएं और अच्छे डॉक्टर्स होने से लोगों का इसका फायदा लेना चाहिए।

हर मरीज को अपना साथी समझ कर इलाज करना चाहिए- कोविंद

जोधपुर एम्स से गोल्ड मेडल पाने वाले और डॉक्टर्स को संबोधित करते राष्ट्रपति कोंविद ने कहा कि डॉक्टर्स को किसी जाति धर्म को नहीं देखना चाहिए बल्कि हर मरीज को अपना साथी समझ कर इलाज करना चाहिए।

ग्रामीणों का बेहतर मेडिकल की सुविधाएं मिलनी चाहिए

राष्ट्रपति ने कहा कि जोधपुर एम्स में सारी स्कीमें है और लोगों को इसका फायदा लेना चाहिए। आने वाले दिनों में जोधपुर एम्स दिल्ली के एम्स को पीछे छोड़ सकता है यहां मिल रही सुविधाएं व तकनीकें कारगर है। गांवों में रहने वालों का अच्छी मेडिकल की सुविधाएं मिलनी चाहिए।

चिकित्सा मंत्री हर्षवर्धन ने मेरा हर प्रस्ताव किया स्वीकार- मुख्यमंत्री गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस अवसर पर केंद्रीय चिकित्सा मंत्री हर्षवर्धन का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उनका हर प्रस्ताव स्वीकार करते हुए एम्स में सुविधाएं प्रदान की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, स्व. सुषमा स्वराज का भी धन्यवाद दिया कि उनकी बदौलत आज जोधपुर में एम्स का नाम हुआ है।

केंद्रीयमंत्री हर्षवर्धन ने याद किया अपना छात्र जीवन

केंद्रीयमंत्री हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि आज वे अपने छात्र जीवन का याद करते हैं जिन्होंने उन्हें चिकित्सक बनाया उन्हें वे नमन करते है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को शपथ को औपचाकरिता पूर्वक नहीं लेना चाहिए।

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