रंजन दवे, जोधपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि न्याय प्रणाली बहुत महंगी हो गई है। हमें सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा कि सभी व्यक्तियोंं तक न्याय सुलभ हो सकें। न्याय सस्ता व सर्वसुलभ होना चाहिए।वे राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ के नए भवन के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।

राष्ट्रपति ने कहा- सत्य ही हमारे गणतंत्र का आधार

राष्ट्रपति ने कहा कि सत्य ही हमारे गणतंत्र का आधार है और संविधान ने सत्य की रक्षा करने का महत्वपूर्ण दायित्व न्यायपालिका को सौंपी है। ऐसे में न्यायपालिका की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। हमारे देश में पुराने दौर में राजा-महाराजाओं से न्याय मांगने के लिए कोई भी व्यक्ति उनके निवास के बाहर लगी घंटी को बजा सकता था और उसे न्याय मिलता था। अब हालात बदल चुके है। न्याय प्रणाली बहुत महंगी हो चुकी है। देश के किसी भी गरीब व्यक्ति के लिए हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि देश के प्रत्येक नागरिक को सस्ता न्याय सुलभ हो। इस दिशा में सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।

राष्ट्रपति ने देखा ऐतिहासिक मेहरानगढ़ फोर्ट

कार्यक्रम के पश्चात राष्ट्रपति कोविंद और राज्यपाल जोधपुर के पूर्व नरेश गज सिंह के निमंत्रण पर ऐतिहासिक मेहरानगढ़ फोर्ट भी गये जहाँ जोधपुर के स्थापत्य को देखकर अभिभूत हुए। अचानक बने इस कार्यक्रम को लेकर सभी अवाक रह गए। इसके बाद पूर्व नरेश ने दोनों की अगवानी की ओर स्वयं फोर्ट में उनके साथ रखकर किले के इतिहास से रु ब रु करवाया।

नए भवन को बताया बेहतरीन

उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट का नया भवन बहुत बेहतरीन बनकर तैयार हुआ है। प्रदेश की ऐतिहासिक इमारतों में इसका नाम भी शामिल हो गया है। इसे देखकर अन्य हाईकोर्ट के वकीलों को अवश्य जलन महसूस होगी। जोधपुर में बार व बेंच की बहुत समृद्ध परम्परा रही है। इस परम्परा को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब युवा पीढ़ी की है।

कोविंद ने जजों से कहा- फैसलों की जानकारी हिंदी में भी उपलब्ध कराएं

उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायधीशों से आग्रह किया कि यहां दिए जाने वाले फैसलों की जानकारी हिंदी में भी उपलब्ध कराए जाए। तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट अपने फैसलों की जानकारी नौ भाषाओं में उपलब्ध करवा रहा है।

प्रतिभाशाली युवा आगे आएं- रविशंकर प्रसाद

इस अवसर पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि समाज के प्रतिभाशाली लोगों को न्यायपालिका के क्षेत्र में आना चाहिये। देशभर की प्रतिभाओं को न्यायिक क्षेत्र में समान अवसर मिले इसके लिए अखिल भारतीय स्तर पर न्यायिक अधिकारियों की भर्ती होनी चाहिये। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के मार्गदर्शन में संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से परीक्षा आयोजित करवाई जा सकती है।

वकील कोटे से हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने की जिम्मेदारी कॉलेजियम की

वकील कोटे से हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त करने की जिम्मेदारी कॉलेजियम की है, लेकिन उन्हें ऐसे लोगों के बारे में सोचना होगा जिनके परिवार से पहले कोई वकील नहीं रहा। कई ऐसे प्रतिभाशाली लोग है जिनके माता-पिता ने तिनका-तिनका जोड़ कर यहां तक पहुंचाया है।

फास्ट ट्रेक अदालतों की संख्या बढ़ी: रविशंकर प्रसाद

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देशभर में फास्ट ट्रेक अदालतों की संख्या तेजी से बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। राजस्थान में इस दिशा में बेहतरीन काम हुआ है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में सभी को विचार करना चाहिये। केन्द्र सरकार से किसी मदद की दरकार है तो पूरा सहयोग दिया जाएगा।

Posted By: Bhupendra Singh

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