नई दिल्ली, जेएनएन। ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने राष्ट्रपति पद के लिए राजग की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने की घोषणा की है। इस समर्थन के साथ ही राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के लिए राह और आसान हो गई है। सीधे गणित में देखा जाए तो मुर्मू के पक्ष में करीब 52% मत हो रहे हैं। इसके अलावा राजग के प्रत्याशी को अन्नाद्रमुक और वाईएसआर कांग्रेस समेत कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों से भी समर्थन की उम्मीद है।

मतों के गणित पर एक नजर

776 है लोकसभा एवं राज्यसभा के उन सदस्यों की संख्या, जो वोट डालेंगे। नामित सदस्य वोट नहीं डालते हैं।

440 सांसदों का समर्थन राजग के खाते में है।

तीन लोकसभा सीटों पर उपचुनाव और राज्यसभा की 16 सीटों पर चुनाव के बाद इसमें कुछ परिवर्तन संभव है।

180 सांसदों का समर्थन संप्रग खेमे में फिलहाल दिख रहा है।

700 है लोकसभा और राज्यसभा के चुने गए सदस्यों के एक मत का मूल्य।

4,033 है सभी राज्यों के विधायकों की संख्या। राज्यों के अनुसार विधायकों के मतों का मूल्य अलग-अलग होता है।

सर्वाधिक मत मूल्य वाले राजग के छह राज्य

56,784 मत मिलेंगे उत्तर प्रदेश में 273 विधायकों से

21,971 मत मिलेंगे बिहार में 127 विधायकों से

18,375 मत मिलेंगे महाराष्ट्र में 105 विधायकों से

17,161 मत राजग के खाते में मध्य प्रदेश के 131 विधायकों से आएंगे

16,464 है गुजरात में राजग के 112 विधायकों के मतों का मूल्य

15,982 है कर्नाटक में राजग के 122 विधायकों के मतों का मूल्य

10,86,431 है सांसदों व विधायकों के मतों का कुल मूल्य

5,35,000 के करीब पहुंच रहा है राजग के सांसदों एवं विधायकों के मतों का कुल मूल्य, जो कुल मतों का 49

प्रतिशत है। 32,000 मत बीजद के खाते में है। इन्हें मिलाकर राजग प्रत्याशी के पक्ष में कुल मत 52 फीसदी पर पहुंच रहे हैं।

1,50,000 से कुछ ही ऊपर पहुंच रहा है संप्रग के सांसदों व विधायकों के मतों का मूल्य।

मुर्मू का पलड़ा दिख रहा भारी

आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो ओडिशा से संबंध रखने वाली मुर्मू का विपक्ष के साझा प्रत्याशी यशवंत सिन्हा के मुकाबले पलड़ा भारी है। बीजद ने पहले ही उनके समर्थन की घोषणा कर दी है। भाजपा को उम्मीद है कि वाईएसआर कांग्रेस और आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) जैसे अन्य कुछ दल भी मुर्मू के समर्थन में आएंगे। बता दें कि नड्डा ने मंगलवार को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद राष्ट्रपति चुनाव में राजग के प्रत्याशी के रूप में मुर्मू के नाम की घोषणा की थी। चौंसठ वर्षीय मुर्मू 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। वे झारखंड की पहली ऐसी राज्यपाल रही हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। मुर्मू यदि चुनाव जीतने में सफल होती हैं तो वे देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी।

Edited By: Sanjeev Tiwari