नई दिल्ली, प्रेट्र। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार किया कि उन्होंने सीबीआइ के अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर राव की नियुक्ति पर उच्चाधिकार चयन समिति की बैठक की कार्यवाही के विवरण को गढ़ा हुआ बताने संबंधी ट्वीट करके 'सही में गलती' की थी। भूषण ने कहा था कि सरकार ने शायद गढ़ा हुआ कार्यवाही विवरण न्यायालय में पेश किया है।

जस्टिस अरुण मिश्रा और नवीन सिन्हा की पीठ से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि भूषण के बयान को देखते हुए वह उनके खिलाफ दायर अपनी अवमानना याचिका वापस लेना चाहेंगे। वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि वह अपने पहले के बयान पर कायम हैं कि वह इस मामले में प्रशांत भूषण के लिए कोई सजा नहीं चाहते हैं।

पीठ ने कहा कि इस व्यापक मुद्दे पर विचार किया जाएगा कि क्या कोई व्यक्ति अदालत के विचाराधीन किसी मामले में जनता की राय को प्रभावित करने के लिए न्यायालय की आलोचना कर सकता है। पीठ इस मामले में अब तीन अप्रैल को आगे की सुनवाई करेगी।

हालांकि, भूषण ने न्यायालय में एक अर्जी दायर कर न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा से अनुरोध किया कि वह वेणुगोपाल की अवमानना याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग करें।

न्यायमूर्ति मिश्रा को अवमानना याचिका की सुनवाई से अलग होने का अनुरोध करने के लिए भूषण ने पीठ से बिना शर्त क्षमा याचना करने से भी इन्कार कर दिया।

 

Posted By: Bhupendra Singh