महाराष्ट्र: कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम में पोस्ट-पोल ड्रामा, उद्धव गुट के दो पार्षद 'लापता'; पुलिस में शिकायत दर्ज
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने कल्याण-डोम्बिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) में सनसनीखेज आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। ...और पढ़ें

कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम में ड्रामा, उद्धव गुट के दो पार्षद 'लापता (फोटो- एक्स)
HighLights
कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम (केडीएमसी), जिसमें 122 पार्षद हैं
शिवसेना (शिंदे गुट) को मामूली बढ़त मिली और उसे 53 सीटें प्राप्त हुईं
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने कल्याण-डोम्बिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) में सनसनीखेज आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी के दो नवनिर्वाचित पार्षदों का संपर्क टूट गया है, और आरोप है कि वे एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के संपर्क में हैं।
यह घटना केडीएमसी चुनाव परिणामों के बाद सत्ता की जंग को और रोचक बना रही है, जहां कोई भी दल स्पष्ट बहुमत नहीं पा सका था, लेकिन पोस्ट-पोल गठजोड़ और 'संपर्क' की राजनीति तेज हो गई है।
16 जनवरी 2026 को घोषित परिणामों में शिवसेना (शिंदे गुट) को 53 सीटें मिलीं, भाजपा को 50, जबकि यूबीटी को 11 और एमएनएस को 5 सीटें प्राप्त हुईं। बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत थी, जिसके बाद 'अन्य' दलों और छोटे गुटों पर सबकी नजर टिक गई।
एमएनएस के 5 पार्षदों ने शिंदे गुट का साथ दिया, जिससे उनकी संख्या 58 हो गई। इसके बाद यूबीटी के जिला प्रमुख शरद पाटिल ने गुरुवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके दो पार्षद लापता हैं और उनका शिंदे सेना से कथित संपर्क है। सूत्रों के मुताबिक, यूबीटी के बचे हुए 11 में से कुछ और पार्षद भी असहज स्थिति में हैं, और शिंदे गुट एनसीपी (शरद पवार) तथा कांग्रेस के कुछ पार्षदों के साथ भी संपर्क में है।
अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो शिंदे गुट का गठबंधन 65 से 72 सीटों तक पहुंच सकता है, जिससे भाजपा अलग-थलग पड़ सकती है। श्रीकांत शिंदे (एकनाथ शिंदे के बेटे और कल्याण सांसद) इस पूरे खेल के प्रमुख संचालक के रूप में उभरे हैं, जो भाजपा की मशीनरी को भी चुनौती दे रहे हैं।
केडीएमसी में चुनाव खत्म हुआ, लेकिन सत्ता की असली लड़ाई और पोस्ट-पोल ड्रामा अभी जारी है, यह बीएमसी से भी ज्यादा नाटकीय साबित हो रहा है।
