नई दिल्ली (एएनआई)। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के द्वारा राम मंदिर मुद्दे पर सीरिया की टिप्पणी किये जाने की कड़ी निंदा की जा रही है। आपको बता दें कि सोमवार को श्री श्री रविशंकर ने राम मंदिर मुद्दे पर सीरिया को लेकर कुछ टिप्पणी कर दी थी जिसके बाद अलग अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसे भड़काउ कहते हुए उनकी निंदा की है।

राजनेताओं ने कहा- भड़काउ है टिप्पणी

जदयू के वरिष्ठ नेता के सी त्यागी ने कहा कि श्री श्री रविशंकर को इस तरह के भड़काउ बयान देने से बचना चाहिए। इसी प्रकार एनसीपी नेता माजिद मेमन ने इसे दुखद कहा। मेमन ने कहा, श्री श्री रविशंकर की तरफ से ऐसे बयान सुनकर बेहद दुखी हूं। मैं उनसे इस प्रकार के भड़काउ बयान की उम्मीद नहीं कर सकता था जिससे हिंसा को बढ़ावा मिले।

उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग गुरु रविशंकर के इस बयान के पीछे के कारणों पर सवाल उठाया। कहा कि मैं उनसे बेहद ही इज्जत से पूछना चाहता हूं कि जो भी आप आज कह रहे हैं, आप 25 सालों से कहां थे? आज जब सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला सुनाने जा रही है तब आप इस पर बात कर रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इस पूरे मामले को मनोरंजक करार दिया।

हमने जो कहा वो धमकी नहीं, चेतावनी है-रविशंकर

चारों तरफ हो निंदा के बाद आखिरकार रविशंकर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा, हमने जो कहा वो धमकी थोड़ी ना है। वो चेतावनी है। उन्होंने कहा था कि यहां शांति रहने दीजिए हमारे देश को सीरिया जैसा नहीं बनना चाहिए इस बयान के बाद उनकी काफी किरकिरी हुई थी।

रविशंकर ने बरेली में कहा कि, मैं सपने में भी नहीं सोच सकता कि मैं किसी को धमकी दूं। जो हमने कहा कि हमारे देश में ऐसी हिंसा नहीं होनी चाहिए जैसे मिडिलईस्ट में हो रही है। इससे हमें डर लगता है। 

भाजपा क्यों है खामोश- असदुद्दीन

दूसरा तरफ असदुद्दीन ओवैसी ने श्री श्री रविशंकर को निशाने पर लेते हुए कहा- वे संविधान में भरोसा नहीं रखते हैं, वह कानून पर भरोसा नहीं रखते हैं। वह समझते हैं वे ही कानून हैं। वे अपने आप को ही सर्वेसर्वा समझते हैं चाहते हैं कि सभी उनकी कही बातों को ही सुनें। वे न्यूट्रल नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अगर भाजपा कहती है कि वो बयान से सहनत हैं, तो मैं करुंगा कंप्लेंट। भाजपा इतनी खामोश क्यों है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को आर्ट ऑफ लिविंग गुरु श्री श्री रविशंकर ने एक टीवी चैनल में दिए एक साक्षात्कार में कहा था, राम मंदिर मुद्दे पर किसी भी प्रकार का विलंब भारत में सीरिया जैसा माहौल पैदा कर सकता है। रविशंकर ने अपने बयान में कहा था, अगर राम मंदिर का मुद्दा जल्द नहीं सुलझाया जाता है तो भारत में सीरिया जैसे हालात हो जायेंग।

Posted By: Srishti Verma