बिलासपुर, एएनआइ। Police arrests Amit Jogi son of Ajit Jogi चुनाव में अपने जन्म स्थान के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे एवं पूर्व विधायक अमित जोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ की बिलासपुर पुलिस ने मंगलवार को अमित को उनके आवास मरवाही सदन से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि अमित जोगी पर साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को अपने जन्म स्थान के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप हैं। कोर्ट ने उन्‍हें 14 दिन न्‍यायिक हिरासत के लिए भेज दिया है।

समीरा पैकरा ने दर्ज कराई थी शिकायत 
पुलिस से प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष फरवरी महीने में भाजपा की ओर से मरवाही विधानसभा सीट से प्रत्याशी रही समीरा पैकरा ने जिले के गौरेला थाना में अमित जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अमित जोगी वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने शपथपत्र में जन्म स्थान गौरेला क्षेत्र का सारबहरा गांव बताया था जबकि वह अमेरिका में पैदा हुए थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जोगी ने गलत तरीके से सारबहरा गांव में जन्म होने का प्रमाण पत्र हासिल किया। 

छह महीने तक चली जांच के बाद गिरफ्तार
पुलिस की मानें तो अमित जोगी को छह महीने तक चली जांच के बाद गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद मरवाही विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की उम्‍मीदवार रही समीरा ने जोगी की जाति और उनके जन्म स्थान के सिलसिले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस अदालत ने इस साल जनवरी में छत्तीसगढ़ की तत्कालीन विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था। समीरा के साथ कुछ लोगों ने बीते सोमवार को बिलासपुर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के सामने जोगी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

जांच की जद में अजीत जोगी भी 
जाति प्रमाण पत्र के मामले में अमित जोगी के पिता भी आरोपों और जांच की जद में हैं। बीते दिनों जाति प्रमाण पत्र के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) के खिलाफ छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर जिले (Bilaspur district) में एक एफआईआर दर्ज हुई थी। यह एफआइआर उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा जोगी के कंवर आदिवासी होने के प्रमाण पत्र को खारिज करने के बाद दर्ज की गई थी। इस महीने की 23 तारीख को उक्‍त आदेश जारी किए गए थे।  

साल 2001 में दर्ज कराई थी शिकायत 
साल 2001 में भाजपा नेता संत कुमार नेताम ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग से शिकायत की थी कि जोगी ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर स्वयं को आदिवासी बताया है। इस बारे में भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और मौजूदा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय ने अदालत में परिवाद दाखिल किया था। साल 2011 में हाईकोर्ट ने अपना फैसला दिया था। फैसले में राज्य सरकार को निर्देश दिया गया था कि जाति की छानबीन के लिए उच्चाधिकार प्राप्‍त समिति इस बारे में फैसला करे। 

रमन सिंह सरकार में हुई थी जांच 
पूर्व की रमन सिंह सरकार ने इस बारे में छानबीन समिति गठित की थी। इसने जोगी को जारी कंवर अनुसूचित जनजाति से संबंधित जाति प्रमाण पत्रों को विधि संगत नहीं पाया था। साल 2017 में जोगी के जाति प्रमाण पत्रों को निरस्त भी कर दिया गया, जिसके खिलाफ जोगी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। फरवरी वर्ष 2018 में हाईकोर्ट के न‍िर्देश पर नई समिति का पुनर्गठन किया गया। अब इस समि‍ति ने भी जोगी को जारी जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश दे दिया है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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