नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी साल में गरमा रहे राजनीतिक बयानों के बीच अर्थव्यवस्था पर सवाल उठा रही कांग्रेस को ही घेर दिया है। मोदी ने यूपीए शासन पर करारा हमला बोला और बैंकिंग की खस्ता हालत के लिए जिम्मेदार बताया। 

देश के 650 जिलों में हो रहे सीधे प्रसारण के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधा आरोप लगाया कि कांग्रेस के काल में नामदारों (गांधी परिवार) के फोन पर जिस तक बैंकों के पैसों की लूट हुई उसने ही अर्थव्यवस्था को बारूद पर बिठा दिया था।

पीएम ने कहा- देश का नौ लाख करोड़ कुछ उद्योगपतियों की जेब में चला गया था। राजग सरकार ने उसे दुरुस्त करने की ठानी और अब जीडीपी के विकास दर में यह झलकने लगा है। उन्होंने वादा किया कि वह किसी को नही बख्शेंगे। हर किसी से पूरा पैसा वसूला जाएगा।

आप भी जानिये आखिर क्‍या है इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, जो पहुुंचेगा आपके द्वार

कुछ ही दिन पहले ही राहुल गांधी ने एनपीए (नहीं चुकाए जा रहे लोन) को लेकर सरकार पर हमला किया था और कहा था कि कांग्रेस काल में जो राशि ढ़ाई लाख करोड़ थी वह अब बढ़कर साढ़े बारह लाख करोड़ हो गई है। शनिवार को इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने तीखा हमला किया और कहा - आजादी के बाद बैंकों ने कुल मिलाकर जितना कर्ज बांटा था उससे लगभग तीन गुना कर्ज कांग्रेस शासन के छह वर्षो में बांटा गया। वर्ष 2008 तक बैंकों ने कुल मिलाकर 18 लाख करोड़ रुपये के कर्ज बांटे थे। जबकि 2008 से 2014 के बीच 52 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज दिए गए। उन्होंने कहा कांग्रेस की नीति थी 'ले जाओ, तेरा भी भला, मेरा भी भला। मोदी आएगा तो रोएगा।'

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से मोदी का यह भाषण पूरे देश में प्रसारित हो रहा था। उन्होंने कहा- नामदार फोन करते थे कि किसे कर्ज देना है। जब कर्ज लेने वाला डिफाल्टर हो जाता था तो कर्ज अदा करने के नाम पर और कर्ज देने के इंतजाम किए जाते थे। नामदारों के फोन पर बैंक तामील करते थे क्योंकि बैंकों में नियुक्तियां भी उन्हीं नामदारों के फोन पर होती थीं। और सारी करतूत पर पर्दा डालने के लिए उन्हीं दिनो हेराफेरी की एक और साजिश रची गई। लाखों करोड़ के कर्ज दस्तावेजों में चढ़ाए ही नहीं गए। लेकिन 2014 में जब हमारी सरकार आई तो सच्चाई सामने आने लगी। नौ लाख करोड़ रुपये एनपीए हो चुका था।
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किसी डिफाल्टर को कर्ज नहीं दिया
मोदी ने कहा कि साढ़े चार सालों में सरकार ने 50 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े कर्जो की समीक्षा की। भगोड़ों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। बड़े कर्ज लेने वालों के कागजात कब्जे में रखे जाएंगे। 'पौने दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेकर अदा न करने वाले 12 सबसे बड़े डिफाल्टरों पर तेजी से कार्रवाई हो रही है। जबकि एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेकर अदा न करने वाले 27 अन्य लोगों से वसूली के भी पक्के इंतजाम किए जा रहे हैं।

मोदी ने कहा, 'हालत ये है कि अब बैंकों को डिफाल्टरों के पीछे नहीं भागना पड़ रहा, बल्कि डिफाल्टर खुद ही कर्ज वापसी के लिए बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। जो केवल इनकमिंग के आदी थे, अब उनसे आउटगोइंग हो रही है। ' पीएम मोदी ने दावा किया कि अब तक दिए गए सारे बड़े कर्जो में इस सरकार का दिया एक भी ऋण नहीं है। हमने तो सड़ गई बैंकिंग व्यवस्था में सुधार किए हैं। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक भी इसी सुधार की कड़ी है।
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नये भारत की तस्वीर है आंकड़े
पीएम मोदी ने कहा कि एशियन गेस्म में भारत के खिलाड़ियों ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मोदी ने कहा कि दूसरी ओर कल देश की अर्थव्यवस्था के जो आंकड़ों से भी नया मेडल मिला है। मोदी ने कहा कि जो आंकड़ों आए हैं, वो देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और उसमें आते आत्मविश्वास का प्रमाण है। 8.2 फीसदी की विकास दर नये भारत की उज्जवल तस्वीर सामने लाता है।

लैंडमाइन पर थी अर्थव्यवस्था
पीएम मोदी ने कहा कि जैसे ही 2014 में हमारी सरकार आई तो कुछ ही दिन बाद एहसास हो गया था कि कांग्रेस देश की अर्थव्यवस्था को ऐसी लैंडमाइन पर छोड़ गया है कि उसी वक्त सच्चाई सामने रखते तो देश को संभालना मुश्किल हो जाता।

Posted By: Vikas Jangra