नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2019 बैच के आईपीएस प्रोबेशनर्स के साथ संवाद खत्म हो गया है। पीएम मोदी द्वारा कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों से बातचीत की गई। पीएम ने एक-एक कर सभी अधिकारियों से बात करते हुए देश में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में अपना संबोधन दिया। पीएम मोदी वर्चुअली सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के प्रशिक्षुओं अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह और गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय भी वर्चुअली साथ जुड़े रहे।

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-प्रधानमंत्री बोले, 'आम नागरिकों में पुलिस की नकारात्मक धारणा एक बड़ी चुनौती है। COVID की शुरुआत में, यह धारणा थोड़ी बदल गई थी क्योंकि पुलिस गरीबों और जरूरतमंदों की मदद कर रही थी। हालांकि, यह धारणा नकारात्मक ही बनी हुई है। यह सुनिश्चित करना पुलिस की नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि यह धारणा बदल जाए।'

-पीएम ने कहा, 'बीते वर्षों में पुलिस फोर्स में बेटियों की भागीदारी को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया गया है। हमारी बेटियां पुलिस सेवा में दक्षता और जवाबदेही के साथ विनम्रता, सहजता और संवेदनशीलता के मूल्यों को सशक्त करती हैं।'

-प्रधानमंत्री बोले- कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमारे पुलिसकर्मियों ने, देशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। इस प्रयास में कई पुलिस कर्मियों को अपने प्राणों ही आहूति तक देनी पड़ी है। मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं और देश की तरफ से उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।

-पीएम मोदी बोले- आपकी सेवाएं देश के अलग-अलग जिलों में होगी, शहरों में होगी।

इसलिए आपको एक मंत्र याद रखना है। फील्ड में रहते हुए आप जो भी फैसले लें, उसमें देशहित होना चाहिए, राष्ट्रीय परिपेक्ष्य होना चाहिए। आपको हमेशा ये याद रखना है कि आप एक भारत, श्रेष्ठ भारत के भी ध्वजवाहक है। इसलिए, आपके हर एक्शन, आपकी हर गतिविधि में Nation First, Always First- राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम की भावना रिफ्लेक्ट होनी चाहिए।

-पीएम ने कहा, 'आप एक ऐसे समय पर करियर शुरु कर रहे हैं, जब भारत हर क्षेत्र, हर स्तर पर परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। आपके करियर के आने वाले 25 साल, भारत के विकास के भी सबसे अहम 25 साल होने वाले हैं। इसलिए आपकी तैयारी, आपकी मनोदशा, इसी बड़े लक्ष्य के अनुकूल होनी चाहिए।'

-पीएम मोदी बोले, '1930 से 1947 के बीच देश में जो ज्वार उठा, जिस तरह देश के युवा आगे बढ़कर आए, एक लक्ष्य के लिए एकजुट होकर पूरी युवा पीढ़ी जुट गई, आज वही मनोभाव आपके भीतर अपेक्षित है। उस समय देश के लोग स्वराज्य के लिए लड़े थे। आज आपको सुराज्य के लिए आगे बढ़ना है।'

-प्रधानमंत्री ने कहा, 'मेरा हर साल ये प्रयास रहता है कि आप जैसे युवा साथियों से बातचीत करूं। आपके विचारों को लगातार जानता रहूं। आपके विचार, सवाल, उत्सुकता, मेरे लिए भी भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सहायक होंगे।'

-पीएम मोदी बोले, 'इस साल की 15 अगस्त की तारीख, अपने साथ आजादी की 75वीं वर्षगांठ लेकर आ रही है। बीते 75 सालों में भारत ने एक बेहतर पुलिस सेवा के निर्माण का प्रयास किया है। पुलिस ट्रेनिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में भी हाल के वर्षों में बहुत सुधार हुआ है।'

-पीएम मोदी का कुछ आइपीएस प्रशिक्षुओं से सीधे बात करने के बाद संबोधन शुरू हो गया है। अपने संबोधन में उन्होंने शुरुआत आने वाले स्वतंत्रता दिवस को लेकर की।

-पीएम ने कहा, 'व्यावसायिकता और फिटनेस हमारी पुलिस की दो सबसे महत्वपूर्ण जरूरतें हैं, आप जैसे युवा पुलिस व्यवस्था में इस तरह के सुधारों को अधिक आसानी से बेहतर कर सकते हैं और उन्हें आगे बढ़ा सकते हैं।'

-IPS प्रोबेशनर्स को संबोधित करते हुए पीएम मोदी बोले, 'अगर पुलिस अपने बल में फिटनेस को बढ़ावा देगी तो समाज के युवा फिट रहने के लिए और अधिक प्रेरित होंगे।'

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी' हैदराबाद में उपस्थित IPS प्रोबेशनर्स से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान एक ट्रेनी से प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा अफसरों पर सबसे बड़ी जिम्मेदारियां है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा था, '31 जुलाई को सुबह 11 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के आईपीएस प्रोबेशनरों से बातचीत करेंगे। ये प्रोबेशनर आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण पुलिस जिम्मेदारियां संभालेंगे।'

बता दें कि सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा के आधार पर चुने गये भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। भारतीय पुलिस सेवा में अधिकारियों का चयन हर साल संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के जरिए होता है। ज्ञात हो, सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद में है।

प्रधानमंत्री ने पिछले साल सितंबर में IPS प्रोबेशनरों के साथ बातचीत की थी और उन्हें अपनी नौकरी और वर्दी का सम्मान करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि लोगों के मन में खाकी वर्दी का मानवीय चेहरा विशेष रूप से कोरोना वायरस महामारी के दौरान पुलिस द्वारा किए गए अच्छे काम के कारण है।

वहीं, 2 जुलाई को, शाह ने IPS प्रोबेशनरों से बातचीत में सलाह दी थी कि वे सोशल मीडिया से बचें और प्रचार के पीछे न भागें। शाह ने उन्हें गरीबों, दलितों और आदिवासी लोगों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील होने को कहा था।

Edited By: Nitin Arora