नई दिल्ली, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन(IJC) का उद्धाटन किया। इस दौरान अपने संबोधन में PM मोदी ने महात्मा गांधी के सत्य और सेवा-समर्पण को न्यायपालिका की नींव बताते हुए न्याय व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवादियों और भ्रष्टाचारियों को निजता का अधिकार नहीं है।

'न्यायपालिका के समक्ष नई चुनौतियां'

पीएम मोदी ने न्यायपालिका की नई चुनौतियों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि डाटा सुरक्षा, साइबर क्राइम जैसी समस्याएं न्यायपालिका के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रही है। हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इससे निपटने में मदद मिलेगी। वहीं पीएम मोदी ने पर्यावरण से जुड़े न्याय को पुनर्परिभाषित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को कहा कि न्यायपालिका ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम किया है।

130 करोड़ भारतीयों ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि हाल ही में, कुछ महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय आए हैं जो वैश्विक चर्चा के विषय थे। इन निर्णयों से पहले परिणामों के बारे में कई चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं, लेकिन 130 करोड़ भारतीयों ने इन न्यायिक फैसलों को पूरी ईमानदारी से स्वीकार किया।

'गांधी जी के जीवन आदर्श किसी भी न्यायपालिका की नींव'

अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि आदरणीय महात्मा गांधी जी का जीवन सत्य और सेवा के लिए समर्पित था, जिन्हें किसी भी न्यायपालिका की नींव माना जाता है। वह खुद बैरिस्टर थे। उन्होंने अपनी पहली आत्मकथा के बारे में अपनी आत्मकथा में बड़े विस्तार से लिखा है।

भारत कई संस्कृतियों, परंपराओं का पिघलने वाला बर्तन- जस्टिस बोबडे

दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन में बोलते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि भारत कई संस्कृतियों और परंपराओं का पिघलने वाला बर्तन है, यह अपनी न्यायिक प्रणाली और संस्थानों के लिए भी उतना ही सच है। हमने उन सभी सभ्यताओं की कानूनी संस्कृतियों को आत्मसात किया है जो हमारे तटों पर आई हैं।

आतंकवादियों और भ्रष्टाचारियों को निजता का अधिकार नहीं-कानून मंत्री

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस दौरान संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवादियों और भ्रष्टाचारियों को निजता का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक चुनौतियों का समय है। हम संकल्प की तलाश कैसे करते हैं? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न बना हुआ है। मेरा स्पष्ट मत है कि एकमात्र कानून के शासन द्वारा शासित होने के पारंपरिक तरीके पर वापस लौटना ही सही रास्ता है।

सुप्रीम कोर्ट कॉम्प्लेक्स में अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन(IJC) का इसका आयोजन किया जा रहा है।

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का उद्घाटन करेंगे PM मोदी

पीएम मोदी आज शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ओडिशा के भुवनेश्वर में 22 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के उद्घाटन समारोह को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री शाम 7 बजे उद्घाटन समारोह को संबोधित करने वाले हैं। गौरतलब है कि ओडिशा सरकार के सहयोग से भारत सरकार द्वारा खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स शुरू किया जा रहा है।यह भारत में विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित सबसे बड़ी प्रतियोगिता है और इसमें भाग लेने वालों में देश की 150 से अधिक विश्वविद्यालयों के लगभग 3500 एथलीट होंगे।

इस आयोजन में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, तलवारबाजी, जूडो, तैराकी, भारोत्तोलन, कुश्ती, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, रग्बी और कबड्डी जैसे कुल 17 खेल होंगे।

Posted By: Shashank Pandey

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