जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किए जाने के पहले ही जहां राजनीतिक घमासान मचा है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि यह ऐसे लाखों लोगों के लिए सुनहरा कल लेकर आएगा जो धार्मिक आधार पर दूसरे देशों में प्रताड़ित हो रहे हैं। कैबिनेट से विधेयक मंजूर होने के बाद उन्होंने पहली बार इस संबंध में बयान दिया है। यह विधेयक सोमवार को संसद में पेश होगा।

शुक्रवार को एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने विधेयक का नाम लिए बगैर जहां सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यो का उल्लेख किया, वहीं राम मंदिर और इस विधेयक के प्रभाव पर भी बोले। उन्होंने कहा, 'हम हमेशा भूतकाल की बेड़ियों में बंधे नहीं रह सकते हैं। राम जन्मभूमि मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो कई लोग आशंका जता रहे थे कि इसके बाद देश में अशांति आएगी, लेकिन जनता ने ऐसे लोगों को गलत साबित कर दिया।'

गैर मुस्लिमों को भारत में नागरिकता का प्रवाधान

इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि पड़ोसी देशों में कई लोग प्रताड़ित हो रहे हैं। जिन्हें भारत में विश्वास है हम उनके भविष्य के लिए संकल्पित हैं। ध्यान रहे कि नागरिकता संशोधन विधेयक में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर आने वाले गैर मुस्लिमों को भारत में नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है।

गौरतलब है कि कांग्रेस, तृणमूल, वाम जैसे दलों की ओर से इसका खुला विरोध किया जा रहा है जबकि कई दल अभी चुप हैं। वहीं भाजपा को विश्वास है कि सहयोगी दलों के साथ साथ कई गैर राजग- गैर संप्रग दलों की ओर से भी इसे समर्थन मिलेगा।

Posted By: Dhyanendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस