जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस पार्टी पर गरीब और किसानों के हित की नीतियों का विरोध कर देश को साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। गोयल ने अंतरिम बजट 2019-20 पर लोक सभा में चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही। सदन ने ध्वनिमत से अंतरिम बजट पारित कर दिया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद थे। हालांकि कांग्रेस, एनसीपी और माकपा के सदस्यों ने नाराजगी प्रकट करते हुए सदन से वाकआउट किया।

लोक सभा में अंतरिम बजट पारित

गोयल ने चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष द्वारा अंतरिम बजट की आलोचना का जवाब भी दिया। गोयल ने कहा कि कुछ लोग पीएम-किसान योजना के तहत किसानों को मिलने वाली छह हजार रुपये की राशि को छोटी बताने की कोशिश कर रहे हैं। बड़े-बड़े महलों में रहने वाले इन नामदारों को यह समझ नहीं आएगा कि एक लघु और सीमांत किसान के लिए यह राशि कितनी महत्वपूर्ण है।

गोयल ने कहा कि सरकार ने यह योजना चालू वित्त वर्ष से ही शुरु की है, इसे अगले वित्त वर्ष के लिए नहीं छोड़ा है। गोयल ने कहा कि तत्कालीन यूपीए सरकार ने जब 2014 में अंतरिम बजट पेश किया था तो उसमें अमीर लोगों की गाडि़यों को सस्ता किया गया था।

वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा 3.3 प्रतिशत से बढ़कर 3.4 प्रतिशत होने को लेकर सरकार की आलोचना करने वालों को जवाब देते हुए गोयल ने कहा कि यूपीए के कार्यकाल में राजकोषीय घाटा ढाई प्रतिशत तय किया गया और छह प्रतिशत पर पहुंच गया। मोदी सरकार उसे घटाकर चार प्रतिशत पर लायी है। मोदी सरकार ने महंगाई और ब्याज दरों को भी नियंत्रित रखा।

एंजेल टैक्स से परेशान स्टार्ट-अप के मुद्दे का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि एंजेल टैक्स जैसी कोई चीज नहीं है। कांग्रेस के समय में मुखौटा कंपनियां बनती थीं और प्रीमियम पर शेयर खरीदे जाते थे। उस पर आज रोक लगी है जिससे विपक्षी पार्टी को दिक्कत हो रही है।

गोयल ने कहा कि सरकारी नीति स्पष्ट है कि खराब कंपनी पर कार्रवाई हो और ईमानदारीपूर्वक पैसा जुटाने लाने वाली कंपनियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार ईमानदार लोगों को संरक्षण देगी और बेइमानों के खिलाफ कड़ी से कड़ी काईवाई करेगी। साथ ही उन्होंने बीते चार साल में किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए किए गए विभिन्न उपायों का ब्यौरा दिया।

राफेल को लेकर कांग्रेस ने साधा मोदी सरकार पर निशाना

इससे पूर्व अंतरिम बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने राफेल का मुद्दा उठाकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। मोइली ने कहा कि अगर सरकार ने लोकपाल गठित कर दिया होता तो राफेल मामले में मोदी पहले आरोपी होते। वह अकेले इसमें दोषी ठहराये जाते। राफेल मामले की चर्चा घर-घर हो रही है।

मोदी आज भले ही बच जाएं लेकिन आने वाले दिनों में इससे नहीं बच पाएंगे। उन्होंने रक्षा बजट में मामूली वृद्धि का आरोप लगाया है। हालांकि वित्त मंत्री ने चर्चा का जवाब देते समय उनके इस आरोप को खारिज किया। साथ ही उन्होंने देश में बेरोजगारी का स्तर बढ़ने की खबरों को हवाला देते हुए सरकार को आड़े हाथ लिया।तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत राय ने भी कहा कि राफेल मामले से सरकार की पोल खुल गयी है।

केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में टैक्स टेररिज्म खत्म हो गया है जो यूपीए के शासन में प्रचलित था। उन्होंने आर्थिक मोर्चे पर सरकार के बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना भी की। 

Posted By: Bhupendra Singh