नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चर्चा कर उनके यहां ऑक्सीजन की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जिला स्तर पर ध्यान देने का अनुरोध किया। इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने प्रभावशाली योजना बनाने को कहा। 15 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि देश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

कुछ राज्यों में राष्ट्रीय औसत से अधिक मृत्यु दर ने बढ़ाई बेचैनी

कुछ राज्यों में कोरोना के मामले में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा होने पर चिंता प्रकट करते हुए कैबिनेट सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ज्यादा मृत्यु वाले जिलों और अस्पताल के हिसाब से विश्लेषण कर उचित समाधान निकालने को कहा है। बैठक में राज्यों से आरटी-पीसीआर जांच की क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा गया। यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया कि रैपिड एंटीजन जांच में लक्षण वाले एक भी मरीज नहीं छूटे और इस तरह के हर मामले में आरटी-पीसीआर जांच कराना जरूरी है।

एनपीपीए ने राज्यों से ऑक्सीजन की जमाखोरी रोकने को कहा

इस बीच, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दवा नियंत्रकों को पत्र लिखकर अपने यहां ऑक्सीजन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा है। एपीपीए की अध्यक्ष शुभ्रा सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि देश में कोविड-19 के मामले बढ़ने से ऑक्सीजन की मांग में बढ़ोतरी हुई है। सरकार इसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कई राज्य ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर हैं। ऐसे में इसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्र में कहा गया है कि मीडिया में ऑक्सीजन की कमी, कालाबाजारी और जमाखोरी की खबरें आई हैं। यहां ध्यान देना जरूरी है कि दवा (मूल्य नियंत्रण) आदेश के तहत ऑक्सीजन अधिसूचित है।

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