नई दिल्ली, आइएएनएस। पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल 2019 (Personal Data Protection Bill 2019) को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया है। इस बिल को लोकसभा में शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था। नई दिल्ली से भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी के नेतृत्व में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति का गठन किया गया है। यह समिति इस बिल की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी।

लोकसभा सचिवालय की तरफ से गुरुवार को जारी बयान में कहा गया है कि इस बिल पर व्यक्तियों, संगठनों और संबंधित संस्थाओं के विचार और सुझाव लेने का फैसला किया गया है। इस बिल को लेकर कोई भी अपना विचार और सुझाव तीन हफ्ते के भीतर दे सकता है। इसके लिए हिंदी या अंग्रेजी भाषा में दो प्रतियों में लिखित ज्ञापन और सुझाव लोकसभा सचिवालय के निदेशक को भेजा जा सकता है।

समिति जो फैसला देगी वह होगा अंतिम फैसला

बयान में कहा गया है कि समिति को भेजे गए ज्ञापन को रिकॉर्ड में और गोपनीय रखा जाएगा। ज्ञापन देने के साथ ही अगर कोई समिति के सामने उपस्थिति होकर अपनी बात भी रखना चाहता है तो इसके लिए विशेष अनुरोध करना होगा। इस पर समिति जो भी फैसला लेगी वह अंतिम होगा।

बता दें कि केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बिल को 11 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया था। इस बिल के जरिए फेसबुक, गूगल और अन्य कंपनियों के लिए लोगों के निजी और गैर निजी डाटा को गुप्त रखना अनिवार्य बनाया गया है। बिना अनुमति डाटा का इस्तेमाल करने पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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