नई दिल्ली, जेएनएन। सवर्ण आरक्षण बिल लोकसभा से पारित हो चुका है, लेकिन राज्यसभा में अभी इसकी परीक्षा बाकी है। दोपहर 2 बजे सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 फीसद आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पर राज्यसभा मेें चर्चा होगी। राज्यसभा में विपक्ष ने सत्र बढ़ाने पर सवाल उठाए। 
राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस, टीएमसी समेत तमाम विपक्षी दलों ने सत्र बढ़ाने के फैसले पर सवाल उठाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्र बढ़ाने को लेकर विपक्ष से कोई चर्चा नहीं की।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि जिस तरह विपक्ष की मंजूरी के बिना सरकार ने सत्र को बढ़ाने का फैसला किया, वह गलत है। इस पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि काफी महत्वपूर्ण बिल होने की वजह से सत्र को बढ़ाया गया। 

सत्र बढ़ाए जाने पर विपक्ष के सवालों पर सत्ता पक्ष ने बिल के महत्व का हवाला दिया। बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को शिक्षा और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए सरकार संविधान में संशोधन करने जा रही है। 124वें संविधान संशोधन बिल को लोकसभा में मंगलवार को मंजूरी मिल गई। बिल को राज्यसभा में मंजूरी के लिए उपस्थित सदस्यों में से दो-तिहाई का समर्थन जरूरी है।

इस विधेयक को लेकर राज्यसभा की कार्यवाही को एक दिन के लिए बढ़ाया गया है। इस बीच सदन की कार्यवाही को बढ़ाने को लेकर आज राज्यसभा में खूब हंगामा हो रहा है।

 उधर भाजपा सांसद विजय गोयल ने कहा कि सदन की चिंता इस पर होनी चाहिए कि सदन की कार्यवाही पिछले 10 दिन से बाधित हो रही है। अगर सदन की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाई गई है, तो सरकार को नियम 266 के तहत इसका अधिकार है। कार्यवाही को एक दिन के लिए बढ़ाया गया, क्योंकि कई महत्वपूर्ण बिल पास होने हैं।'

 

Posted By: Nancy Bajpai

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