नई दिल्ली, जेएनएन। अवैध खनन के आरोप में सीबीआइ जांच में घेरे में आए अखिलेश यादव के समर्थन में आज संसद में समाजवादी पार्टी ने जमकर हंगामा किया। राज्यसभा में सपा सांसद रामगोपाल यादव की अगुआई में सपा के सांसदों ने खूब बवाल काटा। वहीं, सपा-बसपा ने संसद परिसर में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।

सपा का आरोप है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दबाव की राजनीति करने के लिए केंद्र सरकार सीबीआइ का दुरुपयोग कर रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव को खनन मामले में सीबीआइ का डर दिखाया जा रहा है। सपा नेता राम गोपाल यादव ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि उसका पासा उलटा पड़ेगा।

उन्होंने कहा, 'अगर उत्तर प्रदेश का एक मंत्री दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करता है और अखिलेश यादव के खिलाफ सीबीआइ जांच की मांग करता है, तो आप उससे क्या निष्कर्ष निकालेंगे? यह उन्हें ही (भाजपा) भारी पड़ेगा और भाजपा उत्तर प्रदेश में पांव भी नहीं रख पाएगी। प्रधानमंत्री को वाराणसी को छोड़ना पड़ेगा और किसी और जगह से चुनाव लड़ना पड़ेगा।'

राम गोपाल यादव ने संसद परिसर में कहा कि अभी सपा-बसपा का गठबंधन नहीं हुआ है, उससे पहले ही सरकार ने सीबीआइ के तोते के साथ गठबंधन कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर चुनाव से पहले CBI का दुरुपयोग किया जा रहा है। साथ ही राम गोपाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और उनके सहयोगी अगर सड़क पर आएंगे तो भाजपा का सड़क पर चलना मुश्किल हो जाएगा।

वहीं, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने भी भाजपा का घेराव करते हुए कहा कि मुद्दों से भटकाने के लिए सीबीआइ का दुरुपयोग किया जा रहा है। भाजपा की हताशा का आलम यह है कि ये लोग भगवान के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि हनुमान तक की जाति बताई जा रही है, राम का नाम लेने वाले हनुमान से भी नहीं डर रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि आज इन लोगों ने सीबीआइ जैसी संस्था को धरासायी कर दिया है। 

Posted By: Nancy Bajpai

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