जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमर्यादित आचरण के आरोप में राज्यसभा से पूरे शीत सत्र के लिए निलंबित 12 सांसदों का निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर विपक्षी पार्टियां भले ही कांग्रेस की अगुआई में आंदोलनरत हैं, लेकिन सत्ता पक्ष के रुख को देखते हुए अब सुलह की उम्मीद कम ही है। विपक्षी सांसदों की ओर से इस मुद्दे पर जारी धरना और विरोध प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को भाजपा की अगुआई में सत्ता पक्ष के सांसदों ने भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही लोकतंत्र को बचाने की गुहार लगाई।

सत्ता पक्ष के सांसदों ने यह प्रदर्शन तब किया है जब विपक्ष की ओर से लगातार सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया जा रहा है। सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया जा रहा है। ऐसे में भाजपा सांसदों ने सदन में अमर्यादित आचरण करने वाले विपक्षी सांसदों की तस्वीरों वाले पोस्टर हाथ में लेकर यह बताने की कोशिश की कि कौन लोकतंत्र का गला घोंट रहा है। खास बात यह है इन सभी तस्वीरों में विपक्षी सांसद सदन के भीतर सभापति के सामने वाली टेबल पर चढ़े हुए हैं और हंगामा कर रहे हैं। हालांकि इस सब के बीच संसद के दोनों सदनों में काम-काज सामान्य रूप से शुरू हो गया है। दोनों ही सदनों में प्रश्नकाल और शून्यकाल भी सामान्य रूप से संचालित हुए।

माफी मांगने की शर्त पर निलंबन वापस लेने की बात सरकार ने कही थी

उल्लेखनीय है कि सरकार ने शुरुआत में निलंबित सांसदों के माफी मांगने की शर्त पर निलंबन वापस लेने की बात कही थी। दोनों पक्षों में बातचीत भी चल रही थी, लेकिन विपक्ष माफी की शर्त या सदन में व्यवधान नहीं पहुंचाने का आश्वासन नहीं देना चाहता। इस बीच, विपक्ष ने दबाव बनाने के लिए इस मुद्दे पर पूरे सत्र का बहिष्कार करने जैसे संकेत दिए थे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस का साथ नहीं मिल पाने से यह मुहिम आगे नहीं बढ़ पाई।

घावों पर नमक छिड़क रही भाजपा : थरूर

भाजपा के नेतृत्व में सत्ता पक्ष के सांसदों के प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'भाजपा सांसदों का यहां आना अनावश्यक रूप से उकसाना और घावों पर नमक छिड़कना है। अगर भाजपा को कुछ दिखाना चाहिए तो वह है एकजुटता। मेरे सहयोगियों को उस पार्टी ने अन्यायपूर्ण तरीके से निलंबित कर दिया जिसने व्यवधान को संस्थागत रूप दिया है।' वहीं, कांग्रेस के एक अन्य सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'गांधी न सिर्फ हमारे देश के लिए बल्कि दुनिया के लिए शांति, अहिंसा, एकता और सद्भाव का प्रतीक हैं। भाजपा गांधी प्रतिमा के चरणों में बैठकर प्रदर्शन का अधिकार भी नहीं दे रही है। वह न सिर्फ विपक्ष के बल्कि लोगों के अधिकार भी छीन रही है।'

Edited By: Tanisk