नई दिल्ली, जेएनएन। संसद की शीतकालीन सत्र जल्द ही शुरू होने वाला है। 18 नवंबर, 2019 से शीककालीन सत्र की शुरुआत होगी और 13 दिसंबर तक ये सत्र चलेगा। इसकी जानकारी संसदीय कार्य मंत्रालय ने दोनों सदनों के सचिवालय को दे दी गई है। बता दें कि पिछले साल शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर को शुरू होकर 8 जनवरी कोसमाप्त हुआ था।

 

कहा जा रहा है कि सरकार आगामी सत्र में सरकार दो महत्वपूर्ण अध्यादेशों को कानून बनाने की तैयारी में है। ये दोनों अध्यादेश सितंबर में पेश किए गए। आयाकर अधिनियम , 1961 और वित्त अधिनियम, 2019 में संशोधन के लिए जारी किए गया था। ई सिगरेट से संबंधित अध्यादेश भी सितंबर में ही जारी किया गया था। 

वहीं केंद्र सरकार निजी डेटा संरक्षण विधेयक 2018 को भी इस शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। इसकी जानकारी इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अधिकारी  एस. गोपालकृष्णन  ने शुक्रवार 11 अक्टूबर को दी। एस. गोपालकृष्णन ने कहा कि मंत्रालय में इंफोसिस के सह संस्थापक कृष गोपालकृष्णन ने बताया कि मंत्रालय ने एक समिति का गठन किया है जिसकी अध्यक्षता इंफोसिस के सह संस्थापक करेंगे। इस समिति का काम ये होगा की ये वह गैर निजी डेटा के प्रबंधन के लिए सिफारिश देगी। अब संभावनाएं जताई जा रही है कि इस शीतकालीन सत्र में इस विधेयक को भी पेश किया जाए। 

इससे पहले 17वीं लोकसभा में 35 विधेयक पारित किए गए थे। इस दौरान सत्र में काफी अहम बिला शामिल थे जैसे तीन तलाक बिल और जम्मू कश्मीर को पुनर्गठन वाला बिल। स्पीकल ओम बिडला द्वारा सरकार के आग्रह के बाद 6 अगस्त को अनिश्चितकालीन तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान करीब 208 घंटे तक कार्यवाही चली। स्पीकल ओम बिडला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी  सहित कई नेताओं को संसद की कार्यवाही ठीक ढंग से चलाने के लिए धन्यवाद अदा किया। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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