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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में दूध का उत्पादन जहां साल दर साल लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूध में मिलावट और गड़बड़ी की शिकायतें भी कम नहीं हो रही हैं। पिछले एक साल की गई जांच में 37 फीसद दूध के नमूने नकली या मिलावट पाये गये हैं। इसे लेकर सरकार ने राज्यों से और सतर्कता बरतने को कहा है। राज्यसभा में पूछे लिखित सवालों के जवाब में यह बात सामने आई है।

दूध का उत्पादन जहां व‌र्ष 2013-14 में 13.76 करोड़ टन था, वह अगले साल यानी 2014-15 में 14.31 करोड़ टन हो गई। जबकि 2017-18 में दूध का उत्पादन बढ़कर 17.63 करोड़ टन पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर वर्ष 2017-18 में देश के विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में दूध के कुल 10 हजार से अधिक नमूनों को परीक्षण किये गये। मिलावट दूध बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उनसे तीन करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई।

राज्यसभा पटल पर रखे दस्तावेजों के मुताबिक दूध में गड़बड़ी करने वाले ढाई हजार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। जबकि एक हजार से अधिक ऐसे लोगों को सजा भी हुई। डेढ़ हजार से अधिक ऐसे लोगों पर जुर्माना वसूला गया। राज्यसभा में अपने लिखित जवाब में केंद्रीय मत्स्य, पशुधन व डेयरी राज्यमंत्री डाक्टर संजीव बालियान कहा है कि दूध में मिलावट अथवा नकली दूध बनाने वालों की अलग से शिकायत का आंकड़ा प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता मामले मंत्रालय से अनुरोध किया गया है।

Posted By: Tanisk

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