Parliament Monsoon Session Live: 'सिर्फ चिल्लाने से झूठ सच नहीं हो जाता', नीट पेपर लीक मामले पर संसद में घमासान; राहुल गांधी के बयान पर भड़के शिक्षा मंत्री
संसद में मानसून सत्र की शुरुआत नीट पेपर लीक मामले के साथ हुई है। इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेपर लीक मामले के साफ सबूत सामने नहीं आए हैं। इसपर विपक्षी नेतओं ने हंगामा शुरू कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी हुई है। पेपर लीक गंभीर मुद्दा है। ये सिर्फ नीट नहीं, बल्कि सभी परीक्षाओं पर सवाल है।" राहुल गांधी के बयान पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुझे किसी से सार्टिफिकेट नहीं चाहिए।

बजट सत्र के सुचारु संचालन के लिए रविवार को सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार की ओर से राज्यसभा में पार्टी के नेता जेपी नड्डा, संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू व कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित 44 दलों के 55 नेता शामिल हुए।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,"कारोबार में सुगमता लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। जवाब में करीब 11 कदमों का उल्लेख किया गया है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है 63 अपराधों को गैर-अपराधीकरण करना, जिसके परिणामस्वरूप आज कंपनियां अनुपालन की चिंता किए बिना अपना काम कर पा रही हैं। एक केंद्रीय प्रसंस्करण प्रणाली भी स्थापित की गई है।"
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "चूंकि यह (NEET) एक व्यवस्थित मुद्दा है, तो आप इस मुद्दे को ठीक करने के लिए क्या कर रहे हैं? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "सिर्फ चिल्लाने से झूठ सच नहीं हो जाता। विपक्ष के नेता का यह कहना कि देश की परीक्षा प्रणाली बकवास है, बेहद निंदनीय है।"
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा,"पूरे देश के सामने यह स्पष्ट है कि हमारी परीक्षा प्रणाली में बहुत गंभीर समस्या है, सिर्फ NEET में ही नहीं बल्कि सभी प्रमुख परीक्षाओं में। मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) ने खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराया है। मुझे नहीं लगता कि उन्हें यहां जो कुछ हो रहा है, उसके मूल सिद्धांतों की समझ है।"
NEET परीक्षा मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, "यह सरकार पेपर लीक का रिकॉर्ड बनाएगी। कुछ केंद्र ऐसे हैं जहां 2,000 से अधिक छात्र पास हुए हैं। जब तक यह मंत्री (शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) हैं, छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा।"
नीट पेपर लीक मामले पर विपक्ष को जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना सही नहीं है। राहुल गांधी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है।
संसद सत्र शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच नीट पेपर लीक मामले पर तीखी बहस शुरू हो गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान न कहा कि नीट परीक्षा मामले में पेपर लीक के साफ सबूत सामने नहीं आए हैं। शिक्षा मंत्री के इस बयान पर विपक्षी नेताओं ने हंगामा शुरू किया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा,"परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी हुई है। पेपर लीक गंभीर मुद्दा है। ये सिर्फ नीट नहीं, बल्कि सभी परीक्षाओं पर सवाल है।" राहुल गांधी के बयान पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुझे किसी से सार्टिफिकेट नहीं चाहिए।
#WATCH | Congress MP and LoP in Rajya Sabha Rahul Gandhi says "It is obvious to the whole country that there is a very serious problem in our examination system, not just in NEET but in all the major examinations. The minister (Dharmendra Pradhan) has blamed everybody except… pic.twitter.com/GO76I0sLZt
— ANI (@ANI) July 22, 2024
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद को सुचारू रूप से चलाने पर जोर देते हुए कहा,"मैं देश के सभी सांसदों से अनुरोध करना चाहूंगा कि जनवरी से लेकर अब तक हमें जितना संघर्ष करना था, हमने किया है, लेकिन अब वो दौर पूरा हो चुका है, जनता ने अपना फैसला दे दिया है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा,"मैं सभी दलों से कहना चाहूंगा कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर देश के लिए खुद को समर्पित करें और संसद के इस गरिमामय मंच का अगले 4.5 साल तक उपयोग करें। जनवरी 2029 के चुनावी वर्ष में आप कोई भी खेल खेल लें, लेकिन तब तक हमें किसानों, युवाओं और देश के सशक्तिकरण के लिए भाग लेना चाहिए।"
#WATCH | PM Narendra Modi says, "...I would like to request all the MPs of the country that from January till now we have fought as much as we had to, but now that period is over, the public has given its verdict. I would like to ask all the parties to rise above party lines and… pic.twitter.com/AVXzl0QDz2
— ANI (@ANI) July 22, 2024
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा,"यह गर्व की बात है कि 60 साल के बाद कोई सरकार तीसरी बार सत्ता में आई है और तीसरी बार पहला बजट पेश करेगी। मैं देश के लोगों को गारंटी देता रहा हूं और हमारा मिशन इसे जमीन पर उतारना है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट अमृत काल के लिए महत्वपूर्ण बजट है। आज का बजट हमारे कार्यकाल के अगले 5 वर्षों की दिशा तय करेगा। यह बजट हमारे विकसित भारत के सपने का मजबूत आधार भी बनेगा।"
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi says "...It is a matter of pride that after 60 years, a government has come to power for the third time and will present the first Budget for the third time...I have been giving guarantees to the people of the country and our mission is to… pic.twitter.com/zw0URmCDdl
— ANI (@ANI) July 22, 2024
पीएम मोदी ने आगे कहा,"कल हम जो बजट पेश करेंगे, वह अमृतकाल का महत्वपूर्ण बजट है। हमें पांच साल का जो अवसर मिला है, ये बजट हमारे पांच साल की दिशा तय करेगा। यह बजट 2047 विकसित भारत के सपने को मजबूत बनाने वाला होगा।"
मानसून सत्र से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "आज सावन का पहला सोमवार है। इस पावन दिन पर एक महत्वपूर्ण सत्र शुरू हो रहा है। मैं सावन के पहले सोमवार पर देशवासियों को शुभकामनाएं देता हूं। आज संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। आज पूरे देश की नजर इस पर है। यह एक सकारात्मक सत्र होना चाहिए।"
#WATCH | PM Narendra Modi says, "Today is the first Monday of Sawan. An important session is starting on this auspicious day. I extend my greetings to the countrymen on the first Monday of Sawan. The monsoon session of Parliament is starting today. Today the whole country is… pic.twitter.com/t32mytIzru
— ANI (@ANI) July 22, 2024
लोकसभा में 12 बजे आर्थिक सर्वे पेश होगा। वहीं, दोपहर 2 बजे राज्यसभा में आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा।
गुजरात से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने राज्यसभा में शून्य काल का प्रस्ताव दिया है।
केंद्र सरकार ने बताया कि 22 जुलाई से 12 अगस्त तक चलने वाले सत्र में 19 बैठकें होंगी। 22 जुलाई को आर्थिक सर्वेक्षण और 23 को बजट पेश किया जाएगा। छह विधेयक भी संसद में प्रस्तुत किए जाने हैं।
सरकार ने सभी दलों से सत्र के सुचारु संचालन के लिए सहयोग मांगते हुए आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरी मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा को तैयार है। मगर, इस चर्चा के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने जिस तरह से मुद्दों को प्रमुखता से रखा है, उससे साफ संकेत मिलता है कि सत्र हंगामेदार होगा।
केंद्र सरकार ने सभी दलों से सत्र के सुचारू संचालन में सहयोग मांगते हुए आश्वस्त किया कि हर आवश्यक मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा के लिए सरकार तैयार है। मगर, इस चर्चा के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने जिस तरह से मुद्दों को प्रमुखता से रखा है, उससे साफ संकेत मिलता है कि सत्र हंगामेदार ही होगा और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच टकराव खूब देखने को मिल सकता है।
मॉर्गन स्टेनली इंडिया की चीफ इकोनोमिस्ट उपासना चाचरा की रिपोर्ट कहती है कि इस बार के बजट का मुख्य थीम तीन मुद्दों पूंजीगत खर्चे के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, सामाजिक क्षेत्र के आवंटन में ज्यादा वृद्धि और विकसित भारत पर आधारित हो सकता है।
भौतिक, डिजिटल और सामाजिक ढांचागत सुविधाओं पर सरकार का जोर पहले से ज्यादा हो सकता है।

संसद सत्र के पहले कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने NEET और NTA पर चर्चा की मांग करते हुए स्थगन नोटिस दिया।
