विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, संसद के अंदर और बाहर किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार

By Nitin AroraEdited By:
Published: Tue, 02 Feb 2021 09:12 AM (IST)Updated: Tue, 02 Feb 2021 05:19 PM (IST)

संसद का बजट सत्र 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ हालांकि विपक्ष ने उन किसानों को ...और पढ़ें

संसद LIVE: बजट सत्र के पांचवें दिन किसानों के मु्द्दे पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष
संसद LIVE: बजट सत्र के पांचवें दिन किसानों के मु्द्दे पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष

नई दिल्ली, एएनआइ/आनलाइन डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट पेश करते हुए इसे निराला बताया। कहा कि ऐसा बजट पहले कभी नहीं पेश हुआ। इसके बाद आज से उम्मीद लगाई जा रही है कि संसद के दोनों सदनों में माहौल गर्म रहेगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि विपक्ष कृषि कानूनों और किसानों द्वारा जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

संसद का बजट सत्र 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ, हालांकि, विपक्ष ने उन किसानों को समर्थन देने के लिए संबोधन का बहिष्कार किया, जो नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले दो महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को 5.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की एक व्यय योजना का अनावरण किया और कहा कि अगर वह अब खर्च नहीं करती तो देश की वृद्धि में देरी होगी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट 2021 अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। 

Live Updates: 

- कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर लोकसभा में कहा कि संसद के अंदर और बाहर किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है।

- हंगामे के बाद लोकसभा शाम 7 बजे तक के लिए स्थगित की गई।

-राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 9 बजे तक स्थगित।

-राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर स्थगित। अब 12.30 बजे तक हुई स्थगित।

-किसानों के मुद्दे पर चर्चा को अड़े विपक्ष का हंगामा। राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर स्थगित। अब 11.30 बजे तक हुई स्थगित।

-राज्यसभा सदन को 10:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

-नायडू बोले- मैंने दोहराया है कि कृषि कानूनों पर सदन में चर्चा हुई थी। यह गलत धारणा बन रही है कि कोई चर्चा नहीं हुई। मतदान के संबंध में, लोगों के अपने तर्क हो सकते हैं लेकिन हर पार्टी ने अपने हिस्से को पूरा किया और सुझाव दिए।

-विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट किया।

-एम वेंकैया नायडू बोले- राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में किसानों के आंदोलन का जिक्र किया। मैं आज से चर्चा शुरू करना चाहता था लेकिन मुझे बताया गया कि चर्चा सबसे पहले लोकसभा में शुरू होती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए हम कल राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करने के लिए सहमत हुए हैं।

-राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू बोले- 'किसानों के विरोध पर चर्चा आज नहीं कल होगी।'

-राजद के सांसद मनोज झा ने किसानों के विरोध के लिए आज काउंसिल ऑफ स्टेट्स में नियम और प्रक्रिया और व्यवसाय के संचालन के नियम 267 के तहत नोटिस दिया है।

-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने राज्यसभा में शून्यकाल नोटिस दिया और 'आंध्र प्रदेश में हिंदू मंदिर पर हमलों के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई' की मांग की।

-राज्यसभा की कार्यवाही शुरू।

-केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद पहुंचे।

-टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रे और डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध में चल रहे आंदोलन को लेकर राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया।

-अशोक सिद्धार्थ बसपा सांसद ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध में चल रहे आंदोलन के कारण देश में मौजूदा स्थिति को लेकर राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया।

-सीपीआई (एम) के सांसद एलाराम करीम ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव देकर किसानों के मुद्दों पर चर्चा की मांग की।

बता दें कि सीतारमण ने संसद में बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार अपना हिसाब-किताब स्वच्छ करने के अवसर से नहीं चूकी है। उन्होंने कहा, 'मैंने इसे जुलाई 2019 में शुरू किया, फरवरी 2020 में भी जारी रखा और हमने इस बार हिसाब-किताब और पारदर्शी बनाया है। कुछ भी छिपाया नहीं गया है। हम साफ-साफ दिखा रहे हैं कि पैसे कहां खर्च हो रहे हैं। एफसीआई को दिए गए पैसे का भी वर्णन किया गया है। अत: सरकार के राजस्व और व्यय के ब्यौरों का लेखा-जोखा अब अधिक खुला व पारदर्शी हो गया है।'