नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कांग्रेस पर सियासी हमलों की बौछार लोकसभा के बाद बुधवार को राज्यसभा में भी जारी रही। प्रधानमंत्री ने भाजपा की बड़ी चुनावी जीत के साथ इवीएम पर विपक्ष के सवाल को जनादेश ही नहीं मतदाताओं का भी अपमान बताया। 17 राज्यों में खाता नहीं खुलने की कांग्रेस की राजनीतिक जमीन का आईना दिखाते हुए पीएम ने कहा कि जब खुद का साम‌र्थ्य नहीं हो तो फिर हार का ठीकरा इवीएम पर फोड़ा जाता है।

राज्यसभा में अहम बिलों पर अडंगा लगाने को लेकर भी प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने दो टूक कहा कि विपक्ष राज्यसभा में अपने बहुमत के बूते लोकसभा के बड़े जनादेश का गला नहीं घोंट सकता।

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सवाल दागा कि ऐसा है तो क्या वायनाड, रायबरेली, बहरामपुर या अमेठी में हिन्दुस्तान हार गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हारी तो देश हार गया यह सोच अहंकार की चरमसीमा है और ऐसी बात मतदाताओं का अपमान है। ध्यान रहे कि कुछ दिनों पहले राहुल गांधी की ओर से ऐसा बयान दिया गया था।

कांग्रेस पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि जब स्वयं पर भरोसा और साम‌र्थ्य नहीं होता तो इवीएम पर दोष देकर पार्टी कैडर को बहलाया जाता है। पीएम ने कहा कि विधानसभा के 113 चुनाव और लोकसभा के चार आम चुनाव इवीएम से हो चुके हैं।

2001 से लेकर अब तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर कई बार चुनौती दी गई और इस पर निर्णय आ गए। पीएम ने कहा कि शुरू में भाजपा के अंदर भी इवीएम को लेकर कुछ संशय और सवाल थे मगर हमने तकनीकी की हकीकत समझने के बाद तय किया कि इसे स्वीकार करना चाहिए।

अब वीवीपीएटी ने इवीएम की ताकत को और बढ़ा दिया है। कांग्रेस के चिंतन पर प्रहार करते हुए पीएम ने कहा कि यह पार्टी न विजय को पचा पाती है और न ही पराजय को स्वीकार कर पाती है। उन्होंने कहा कि वास्तव में 2019 का चुनाव देश की जनता लड़ रही थी और चुनाव नतीजों से जनता के विश्वास का अमृत निकला है। इसीलिए सबका साथ, सबका विकास के साथ अब सबका विश्वास हमारी सरकार का मूल मंत्र बन गया है।

विपक्ष पर नकारात्मक राजनीति का आरोप लगाते हुए पीएम ने कहा कि राज्यसभा में संख्या के बूते वह सरकार के अहम बिलों में अड़ंगा डाल रहा है। आलम यह है कि विदेश जाने से पहले सदन में बोलने के लिए मुझे हाथ-पैर जोड़ना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि राज्यसभा में हमारा बहुमत नहीं है मगर संघीय ढांचे में उच्च सदन का भी दायित्व बनता है।

कांग्रेस को इस पर नसीहत देने के लिए मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के उस बयान का उल्लेख किया कि जिसमें उन्होंने कहा था कि सदन में एक बहुमत पक्ष तो दूसरा अल्पमत पक्ष होता है मगर सदन को बाधित करने का अधिकार किसी को नहीं है।

पीएम ने कहा कि पांच साल में राज्यसभा में रुकावटें डालने वालों को जनता ने चुनाव में सजा दी है और इससे साफ कि राज्यसभा में क्या हो रहा है इस आधार पर भी जनता वोट कर रही है। ध्यान रहे कि अभी भी राज्यसभा में सरकार को बहुमत नहीं है और विपक्ष कई विधेयकों का विरोध करने का मन बना चुका है।

एक देश एक चुनाव का विचार सिरे से खारिज करने के कांग्रेस के रुख पर पलटवार करते हुए पीएम ने कहा कि चर्चा से पहले ही दरवाजे बंद करने से बदलाव नहीं आता है। एक देश एक चुनाव की बात खारिज कर हमारे मतदाताओं की समझ पर शक नहीं किया जाना चाहिए। चुनाव सुधार के लिए जरूरी है कि हर चुनाव के लिए मतदाता सूची अलग-अलग की बजाय एक ही होनी चाहिए और पंचायत चुनाव की मतदाता सूची इसका आधार बन सकती है।

पुराना भारत लौटाने की कांग्रेस की बात पर जवाबी वार करते हुए पीएम ने कहा कि अब न्यू इंडिया का विरोध हो रहा है। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए पीएम ने कहा कि कैबिनेट के मसौदे को पत्रकार वार्ता में फाड़ने, नौसेना को सैर-सपाटे का साधन बनाने से लेकर जल, थल और नभ में घोटाले से लेकर टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थन में आने वाले पुराने भारत को लौटाने की बात आप कर रहे।

जब गैस कनेक्शन और पासपोर्ट के लिए लंबी लाइनों व महीनों इंतजार करना पड़ता था। मगर अब देश की जनता पुराने दौर में जाने के लिए तैयार नहीं है। पीएम ने कहा कि पहले पांच साल में हमने सरकारी व्यवस्था को नतीजे देने के लिए ढालने को तैयार किया है और अगले पांच साल अब जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति का है।

झारखंड को मांब लिंचिंग का अड्डा बताए जाने से असहमति जताते हुए पीएम ने कहा कि पूरे प्रदेश को बदनाम करना ठीक नहीं। उन्होंने कहा कि युवक की हत्या का दुख हमको भी है पर पूरे राज्य को दोषी ठहराना सही नहीं। अपराध होने पर कानून और संविधान इसके खिलाफ कारवाई में सक्षम हैं। झारखंड हो या केरल या पश्चिम बंगाल हिंसा की घटनाओं पर हमारा मानदंड एक ही होना चाहिए।

पीएम ने कहा कि देश के हर नागरिक की सुरक्षा की गारंटी सरकार की है और इसकी संवेदनशीलता सरकार समझती है। मॉब लिचिंग पर कांग्रेस के प्रहार को थामने के लिए पीएम ने दिल्ली में सिख दंगों के नरसंहार का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें शामिल कई नेता आज भी पार्टी के शीर्ष पदों पर बने हुए हैं।

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Posted By: Manish Pandey

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