जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सीबीआइ-इडी से बचने के लिए भूमिगत होने की अटकलों को विराम देने के लिए पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम 27 घंटे बाद बुधवार शाम कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया के सामने आए। चिदंबरम ने छिपे होने की खबर को गलत बताते हुए कहा कि जिन्हें झूठ बोलने की बीमारी है ऐसे लोग यह झूठा प्रचार कर रहे थे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि बीते चौबीस घंटों के दौरान वे लगातार अपने वकीलों से 'न्याय की तलाश' के लिए कानूनी याचिका तैयार कर रहे थे। पूर्व वित्तमंत्री ने साफ कहा कि आइएनएक्स मीडिया मामले में उनके खिलाफ कोई मामला नहीं है और न ही एफआइआर में उनका नाम मगर प्रतिशोध की राजनीति में उन्हें झूठा फंसाया गया है। चिदंबरम ने कहा कि कानून में उनकी पूरी आस्था है और जीवन तथा स्वतंत्रता में किसी को चुनना पड़ा तो वे स्वतंत्रता को चुनेंगे।

रात सवा आठ बजे प्रेस कांफ्रेंस करने पहुंचे चिदंबरम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की पूरी फौज के साथ पार्टी मुख्यालय में रात सवा आठ बजे प्रेस कांफ्रेंस करने पहुंचे चिदंबरम की खबर मिलते ही सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं का हुजूम बाहर उमड़ पड़ा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सरकार विरोधी नारेबाजी के बीच मुख्यालय के भीतर मीडिया से मुखातिब चिदंबरम ने कहा कि लोकतंत्र का आधार स्वतंत्रता और संविधान के अनुच्छेद 21 में जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार दिया गया है। अगर मुझसे पूछा जाएगा कि जीवन और स्वतंत्रता में से क्या चाहिए तो मैं बेहिचक स्वतंत्रता का चुनाव करूंगा।

यह भी पढ़ें- काफी दूर तक जा सकती है चिदंबरम के खिलाफ जांच की आंच

मैं या मेरे परिवार का कोई सदस्य अपराधी नहीं
इसके बाद चिदंबरम ने सीबीआइ-इडी के अपने मामले के दुष्प्रचार की बात शुरू करते हुए कहा कि 'आइएनएक्स मीडिया मामले में मैं या मेरे परिवार का कोई सदस्य किसी अपराध के लिए आरोपी नहीं हैं। सीबीआइ-इडी ने किसी सक्षम अदालत में कोई चार्जशीट दाखिल नहीं किया है। सीबीआइ ने जो एफआइआर दर्ज की है उसमें भी उनके द्वारा कुछ गलत किए जाने की बात नहीं है। इसके बावजूद यह दुष्प्रचार किया गया है कि मैं और मेरे बेटे ने यह अपराध किया है।'

15 महीने तक मिली अंतरिम राहत 
चिदंबरम ने कहा कि वास्तव में यह सब झूठ है और इसे उन लोगों ने फैलाया है जो झूठ बोले बिना रह नहीं पाते हैं। उनका कहना था कि जब भी सीबीआइ व इडी ने उन्हें बुलाया वे उनके सामने पूछताछ के लिए पेश हुए। इस मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत बीते 15 महीने तक मिली है और हाईकोर्ट ने अभी उनकी राहत की याचिका नामंजूर कर दी।

रात-दिन जागकर कानूनी दस्तावेज तैयार किए
चिदंबरम ने कहा कि इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपने लिए न्याय हासिल करने के प्रयासों के तहत वे बीते 24 घंटों से अपने वकीलों के साथ पूरी रात और दिन जागकर कानूनी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद सुबह उनके साथी वकीलों कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, सलमान खुर्शीद, विवेक तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट में उनकी अंतरिम राहत की याचिका दाखिल कर सुनवाई के लिए लगातार मिन्नतें की। साथ ही मेरे लिए अंतरिम संरक्षण की गुहार भी लगाई। मगर मेरे वकीलों ने बताया कि उनके प्रयासों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका को सुनवाई के लिए शुक्रवार को सूचीबद्ध किया गया है और मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करता हूं।

एजेंसियां भी कानून का सम्मान करें
चिदंबरम ने कहा कि अब से लेकर शुक्रवार तक वे अपना सिर उंचा रखते हुए कानून का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि वे केवल उम्मीद करते हैं कि जांच एजेंसियां भी कानून का सम्मान करेंगी और सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार के फैसले का इंतजार करेंगी। चिदंबरम ने संसद में पिछले सत्र के दौरान देश के सभी जज नागरिकों के स्वतंत्रता के अधिकार को अक्षुण्ण रखने में अपना योगदान रखेंगे। उन्होंने कहा अभी से लेकर शुक्रवार तक स्वतंत्रता का जलता हुआ दीया पूरे देश को रौशन करता रहेगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा
हालांकि चिदंबरम की इन उम्मीदों को सीबीआइ-इडी ने उनके कांग्रेस मुख्यालय से घर जाने के तुरंत बाद हिरासत में लेकर अंधियारा कर दिया। चिदंरबम के साथ प्रेस कांफ्रेंस के दौरान गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और विवेक तन्खा मौजूद थे। वहीं एके एंटनी, राजीव शुक्ला समेत पार्टी के तमाम दूसरे नेता और कार्यकर्ता भी चिदंबरम के साथ एकजुटता दिखाने और इस लड़ाई में उनके साथ खड़े होने का संदेश देने के लिए वहां पहुंच गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तो बाहर मोदी सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी का नारा लगाते हुए अकबर रोड को कई मिनटों तक जाम कर दिया।

Posted By: Manish Pandey

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप