नई दिल्‍ली (एएनआई)। संसद के शीतकालीन सत्र का आज पांचवां दिन है। इस सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष सदन में लगातार हंगामा कर सदन की कार्रवाई को बाधित कर रहा है। निलंबित सांसदों के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे शोर शराबे के चलते सदन की कार्रवाई को कई बार रोकना पड़ा है। विपक्ष जहां कह रहा है कि इस पर सांसद माफी नहीं मांगेंगे तो वहीं सरकार और दोनों सदनों के अध्‍यक्ष चाहते हैं कि सांसदों को माफी मांगनी चाहिए। बता दें कि शोर-शराबे की वजह से विपक्ष के 12 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। 

हालांकि, अब कहा जा रहा है कि सरकार सदन की कार्रवाई को सुचारू रूप से चलाना चाहती है। सरकार की कोशिश है कि विभिन्‍न बिलों को पारित किया जाए। इसके लिए सांसदों को चेतावनी देकर छोड़ने पर भी विचार कर रही है। इसकी पहल लोकसभा अध्‍यक्ष की तरफ से की गई है। सरकार की कोशिशों के चलते ही लोकसभा में एक बिल को पारित कर दिया गया। राज्यसभा में गुरुवार को बहुप्रतीक्षित बांध सुरक्षा विधेयक, 2019 लंबी चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। विधेयक को पुनर्विचार के लिए प्रवर समिति के पास भेजे जाने का विपक्ष का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया, जिसके लिए मतविभाजन कराना पड़ा।  

Live Updates:-

- कोविड-19 के ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर सरकार द्वारा बरती जा रही सतर्कता के मामले में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने बताया कि प्रभावित देशों से आने वाले करीब 16हजार लोगों का आरटी-पीसीआर टेस्ट किया गया है। जिनमें से 18 लोगों की टेस्ट रिपोर्ट पाजिटिव आई है। सभी की जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जा रही है, ताकी यह सुनिश्चित किया जा सके की वो सभी ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमित हैं या नहीं।

- वैक्सीन के मुद्दे पर केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि एक वक्त था जब किसी वैक्सीन रिसर्च को अप्रूव होने में 3 साल तक का वक्त लग जाता था। जिसके चलते कोई भी शोध नहीं करता था। हमने उन नियमों को खत्म कर दिया और एक साल के भीतर शोध के बाद देश को वैक्सीन मिल गई यह सुविधा पीएम मोदी ने दी है।

- चर्चा के दौरान केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने बताया कि भारत में पहला कोविड-19 का मामला 13 जनवरी 2020 को केरल में सामने आया। लेकिन केंद्र द्वारा गठित संयुक्त निगरानी समिति की पहली बैठक 8 जनवरी 2020 को हुई थी। इसका मतलब है कि हम कोरोना को लेकर सतर्क थे, मामला दर्ज होने से पहले एक समिति बनाई गई थी और इसने काम करना शुरू कर दिया था।

- केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं को बेहतर किया गया है। बिना पूर्व की सरकारों की आलोचना किए बिना सरकार ने इस क्षेत्र में अपना काम किया। बीते दो वर्षों के दौरान मोदी सरकार ने जो बड़े फैसले लिए वो सरकार की विल पावर को दर्शाता है। 

- विपक्ष द्वारा किए जा रहे शोर-शराबे के बाद राज्‍य सभा की कार्रवाई को ढाई बजे तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया है। 

- सरकार ने लोकसभा में सेंट्रल विजिलेंस कमिशन संशोधन बिल 2021 और दिल्‍ली स्‍पेशल पुलिस इस्‍बेलिशमेंट संशोधन बिल 2021 पेश किया। 

- टीएमसी की सांसद डोला सेन ने कहा है कि भाजपा के मंत्री ने गुरुवार को संसद में कहा कि एनआरसी पूरे भारत में लागू नहीं किया जाएगा। सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेकिन हम एनआरसी को भी वापस लेने की मांग करते हैं।  

- चर्चा के दौरान केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डाक्‍टर मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार की तरफ से सभी राज्‍यों को आक्‍सीजन की कमी से हुई मौतों पर आंकड़े जुटाने देने को कहा गया। इस बारे में अब तक 19 राज्‍यों का रेस्‍पांस भी मिल चुका है। केवल पंजाब ने एक व्‍यक्ति के आक्‍सीजन की कमी की वजह से मरने की आशंका व्‍यक्‍त की है।

- भाजपा के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने कहा कि पहले भाजपा ने उनके साथियों का निलंबन किया और अब वो विरोध प्रदर्शन कर उनके जख्‍मों पर नकम छिड़कने का काम कर रहे हैा। 

- भाजपा के राज्‍यसभा सांसदों ने संसद में विपक्ष के रवैये के खिलाफ गांधी प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया है 

- कांग्रेस के सांसद मणिकम टैगोर ने लखीमपुर में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान गाड़ी से कुचल कर मारे गए किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्‍थगन प्रस्‍ताव रखा है। इस मामले में गृह राज्‍य मंत्री का बेटा आरोपित है। उनकी मांग है कि इस मामले में सरकार ये सुनिश्चित करे कि दोषी को सजा मिले। इसके अलावा उन्‍होंने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि वो गृह राज्‍य मंत्री को बर्खास्‍त करें। 

- कांग्रेस, राजद, सीपीआई, सीपीआईएम, एनसीपी, डीएमके और आप ने संयुक्‍त रूप से राज्‍य सभा में नियम 267 के तहत बिजनेस नोटिस को सस्‍पेंड कर त्रिपुरा के निगम चुनाव पर उठे सवालों पर चर्चा करने की मांग की है। 

Edited By: Kamal Verma