जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन बढ़ाने को लेकर विपक्ष ने सख्त ऐतराज जताया। सदन में विरोध करते हुए उन्होंने धरना दिया और बाद में संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन भी किया।

उनका कहना था कि 'समय बढ़ाने को लेकर उनसे पूछा नहीं गया।' जबकि राज्यसभा के सभापति नायडू ने सरकार के अनुरोध पर सहमति जताकर उच्च सदन की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाई है। नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने कहा कि आरक्षण विधेयक पारित कराने की राह में विपक्ष किसी तरह की बहानेबाजी का रोड़ा नहीं अटका सकता है।

सदन की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की सुबह की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसमें कुछ विपक्षी सदस्यों ने कहा कि यह कार्य सरकार व सभापति का है। विपक्ष के नेताओं साथ चर्चा में संसदीय कार्य मंत्री विजय गोयल ने 2011 और 2013 की इसी तरह की घटनाओं का भी जिक्र किया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्र में सदन की कार्यवाही के कार्यक्रम तय करने का दायित्व सभापति को है। इसी दौरान सभापति एम. वेंकैया नायडू ने बताया कि नेता सदन अरुण जेटली मंगलवार को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल जाने की वजह से बैठक में उपस्थित नहीं हो सके। जेटली ने इसे सभापति का अधिकार क्षेत्र बताया।

जेटली ने यह भी जोड़ा कि सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसद के आरक्षण के विधेयक की राह में विपक्ष किसी तरह की बहानेबाजी से रोड़ा नहीं बन सकता है। लोकसभा में आरक्षण विधेयक के पारित हो जाने के बाद इसे राज्यसभा में पारित किया जाना है, जिसमें विपक्ष टांग नहीं अड़ा सकता है।

जेटली ने राज्यसभा के नियम 12 का हवाला देते हुए सभापति के अधिकारों का जिक्र किया और सरकार के आग्रह को मंजूर करने के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया। सदन की कार्यवाही सुबह से बार-बार बाधित होती रही। इसी के मद्देनजर सदन के उपसभापति हरिवंश ने राज्यसभा ने अगले दिन यानी नौ जनवरी तक के लिए सदन को स्थगित किया, जिसे सभापति ने नायडू ने तय किया था।

कांग्रेस, एनसीपी, वामदल, द्रमुक, सपा और दूसरे विपक्षी दलों का कहना था कि उनको जानकारी दिया बिना राज्यसभा की कार्यवाही बढ़ाई गई है जो गलत है। सदन में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने इसे सरकार का गैर वाजिब रवैया करार दिया।

राज्यसभा में जमकर हंगामा 
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सीबीआई जांच की कसते शिकंजे को लेकर समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। इससे सदन की कार्यवाही में लगातार बाधा पड़ी और कई मर्तबा कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विरोध के सुर लोकसभा में भी गूंजे।

सदन की कार्यवाही शुरु होते ही सरकार पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सपा व बसपा सदस्यों ने शोर शराबा शुरु कर दिया। वेल में पहुंचकर इतना हंगामा किया कि सदन को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

अखिलेश के खिलाफ राज्य में अवैध खनन कराने के फैसले की जांच सीबीआई कर रही है। राज्य की सपा व बसपा ने संयुक्त रूप से सरकार पर आरोप लगाया है कि वह चुनावी गठजोड़ से घबरा रही है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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