नई दिल्ली, प्रेट्र। इस साल सत्तारूढ़ राजग को राज्यसभा में बहुमत मिल जाएगा। लेकिन विपक्ष और कमजोर होने वाला है। चूंकि कांग्रेस इस साल के अंत तक खाली होने वाली 68 सीटों में कई गवां देगी। कांग्रेस उच्च सदन में अपनी 19 सीटों में से करीब नौ सीटें खो सकती है। चूंकि कुछ राज्यों की विधानसभाओं में उसकी सीटें काफी कम हुई हैं। लिहाजा वह प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अपनी पार्टी के कुछ दिग्गजों को राज्यसभा में ला सकती है।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा राज्यसभा में बड़ी बढ़त लेने को तैयार है। फिलहाल उच्च सदन में राजग के पास बहुमत नहीं है। और बिल पारित कराने के लिए उसे अपने मित्र दलों जैसे अन्नाद्रमुक और बीजद का सहयोग लेना पड़ता है। 245 सदस्यीय राज्यसभा में भाजपा के अधिकतम सदस्य 82 और कांग्रेस के 46 हैं। सदन में 12 नामित सदस्य भी हैं, जिनमें आठ भाजपा के समर्थन में हैं।

दरअसल भाजपा के खाते में जाने वाली नवंबर में एक राज्यसभा सीट उत्तराखंड में और दस उत्तर प्रदेश से खाली हो रही हैं। जबकि महाराष्ट्र में छह सीटें खाली हो रही हैं। इसमें राकांपा सुप्रीमो शरद पवार की सीट भी शामिल है। तमिलनाडु में छह सीटें खाली हो रही हैं। पश्चिम बंगाल और बिहार में पांच-पांच सीटें खाली हो रही हैं। जबकि गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में चार-चार सीटें खाली हो रही हैं।

एक-दो सीटें कांग्रेस को सहयोगी दलों से मिलेंगी

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस को इस बात का पूरा भरोसा है कि वह करीब नौ सीटें तो अपने ही दम पर जीत लेगी जबकि एक या दो और सीटें उसे सहयोगी विपक्षी दलों के खाते से मिल जाएंगी। इसलिए पार्टी में चर्चा है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, ज्योतिरादित्य सिंधिया और रणदीप सुरजेवाला को राज्यसभा में बतौर सदस्य शामिल कर लिया जाएगा।

विपक्षी दल छत्तीसगढ़, एमपी, राजस्थान को लेकर आश्वस्त

बताया जाता है कि कांग्रेस अपने सत्तारूढ़ राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में कुछ सीटें हासिल करने को आश्वस्त है। चुनाव के बाद विपक्ष कमजोर पड़ जाएगा और अप्रैल, जून और नवंबर में खाली होने वाली 68 सीटों में से अधिकांश में सत्तारूढ़ राजग को धीरे-धीरे बढ़त मिल जाएगी। इसके साथ ही सत्तारूढ़ राजग को राज्यसभा में भी बहुमत मिल जाएगा। राज्यसभा में अप्रैल में 51 सीटें, जून में पांच, जुलाई में एक और इसी साल नवंबर में 11 सीटें खाली होने वाली हैं।

वोरा, सैलजा व दिग्विजय के दोबारा चुने जाने के आसार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं मोती लाल वोरा, मधुसूदन मिस्त्री, कुमारी सैलजा, दिग्विजय सिंह, बीके हरिप्रसाद और एमवी राजीव गौड़ा समेत कई कांग्रेस सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल और जून में खत्म हो रहा है। इनमें से वोरा, सैलजा और दिग्विजय सिंह को दोबारा चुने जाने के आसार हैं। जबकि राजबब्बर और पीएल पुनिया को दोबारा नहीं चुने जाने के आसार हैं। कांग्रेस राजस्थान में तीन में से दो सीटें, मध्यप्रदेश में तीन में से दो, छत्तीसगढ़ में दो, महाराष्ट्र में एक और कर्नाटक में एक-एक सीट लपक सकती है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस